महाराष्ट्र में इस वक्त कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जा रही है. कांग्रेस की ओर से राज्यपाल से मांग की गई है कि उनके विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाए. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि बुधवार को शाम पांच बजे तक फ्लोर टेस्ट कराया जाए, टेस्ट कराने की जिम्मेदारी प्रोटेम स्पीकर की ही होगी.
एनसीपी विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार को कहा कि जो कर्नाटक में हुआ था, हम नहीं चाहते हैं कि महाराष्ट्र में भी वही हो. इसलिए हमने गवर्नर से मांग की है कि बालासाहेब थोराट को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाए.
जयंत पाटिल ने कहा कि बालासाहेब थोराट सदन में काफी सीनियर नेता हैं, ऐसे में उनके पास किसी भी अन्य नेता से अधिक अनुभव है. जयंत पाटिल ने इस दौरान कई संविधान विशेषज्ञों का बयान भी बताया. उनका कहना है कि बालासाहेब थोराट आठ बार से विधायक चुनकर आ रहे हैं.
कौन हो सकता है प्रोटेम स्पीकर?
गौरतलब है कि प्रोटेम स्पीकर को चुनने का अधिकार राज्यपाल के पास होता है. इस मामले में उम्र के हिसाब से नहीं बल्कि विधायक के कार्यकाल के हिसाब से फैसला लिया जाता है. जो विधायक सबसे अधिक बार चुना जाता है, उसे ही प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है.
कौन-कौन था रेस में?
बता दें कि विधानसभा में वरिष्ठता के आधार पर 6 नाम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भेज दिए गए हैं. इनमें कांग्रेस के बालासाहेब थोराट पहले और बीजेपी के कालीदास कलमकार के नाम भी दूसरे स्थान पर है.
इसके अलावा भी इन दोनों नेताओं के अलावा कांग्रेस के केसी पडवी, बहुजन विकास अगाडी पार्टी के हितेंद्र ठाकुर, पूर्व स्पीकर और एनसीपी नेती दिलीप वालसे पाटील और बीजेपी के बब्बन पचपुटे के नाम राज्यपाल को भेजे गए थे.