महाराष्ट्र में निकाय चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू किए बगैर ही होंगे. सुप्रीम कोर्ट की ओर से इसे लेकर दिए गए आदेश के मुताबिक राज्य चुनाव आयोग ने अब नगर निकाय चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य चुनाव आयोग ने साफ किया है कि 13 महानगर पालिका के लिए आरक्षण की प्रक्रिया 27 मई से शुरू कर दी जाएगी.
राज्य चुनाव आयोग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, ठाणे, उल्हासनगर, नागपुर, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, सोलापुर, अमरावती और अकोला महानगरपालिका के लिए चुनाव कराए जाने हैं. इन 13 महानगरपालिका के लिए आरक्षण ड्रॉ का कार्यक्रम 27 मई 2022 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 31 मई 2022 को आरक्षण के लिए सीट का ड्रॉ निकाला जाएगा. ड्रॉ के बाद 1 जून को आरक्षण के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा. आरक्षण को लेकर लोग 1 से 6 जून के बीच अपनी आपत्तियां और सुझाव राज्य चुनाव आयोग को दे सकेंगे. लोगों की आपत्ति और सुझाव पर विचार कर 13 जून को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा.
फडणवीस ने सरकार को घेरा
देवेंद्र फडणवीस ने ओबीसी आरक्षण लागू हुए बगैर निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महा विकास अघाड़ी की सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में केवल टाइम पास किया. आठ बार टाइम लेने के बाद भी सरकार जरूरी आंकड़े नहीं जुटा सकी. ओबीसी आरक्षण पर महाराष्ट्र के कारण मध्य प्रदेश को भी परेशानी हुई. उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बातचीत करने और जरूरी रिपोर्ट को लेकर बात करने की जानकारी दी और कहा कि इसके बाद वहां की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट भी दाखिल कर दी.
आंदोलन करेगी बीजेपी
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ तोते पूछ रहे हैं कि मध्य प्रदेश ने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने की अनुमति प्राप्त कर ली. वे ये नहीं समझ पा रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश को ओबीसी आरक्षण दिया है, मोदी ने नहीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के डीएनए में, सांस में ओबीसी हैं. फडणवीस ने ओबीसी आरक्षण को टालने की योजना सरकार की ओर से पहले से ही बना लिए जाने का आरोप लगाया और कहा कि हम ओबीसी आरक्षण के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे.
नागपुर महानगर पालिका की क्या है स्थिति
नागपुर महानगर पालिका की स्थिति की बात करें तो यहां कुल 52 प्रभाग हैं. महानगर पालिका में 155 वार्ड पार्षद हैं. इनमें से 78 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. अनुसूचित जाति के लिए 31 और अनुसूचित जनजाति के लिए वार्ड पार्षद की 12 सीटें आरक्षित हैं. इस बार ओबीसी आरक्षण की चर्चा से तस्वीर में आमूलचूल बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन अब ये साफ हो गया है कि तस्वीर कमोबेश पिछले चुनाव जैसी ही रहने वाली है.