प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई की मिठी नदी की सफाई (डीसिल्टिंग) से जुड़े लगभग 65 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत अभिनेता डिनो मोरिया, उनके भाई सेंटिनो मोरिया और कुछ बीएमसी अधिकारियों समेत कम से कम आठ लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा है. ईडी ने शुक्रवार को मुंबई, केरल के कोच्चि और त्रिशूर में 18 ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 1.25 करोड़ रुपये की नकदी व संपत्तियां जब्त और सील की हैं.
सूत्रों के अनुसार, डिनो मोरिया, उनके भाई, बीएमसी इंजीनियर प्रशांत रामगुड़े, ठेकेदार भूपेंद्र पुरोहित, मटप्रॉप टेक्निकल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, विर्गो स्पेशलिटी के डायरेक्टर जय जोशी, वोडर इंडिया एलएलपी के केतन कदम समेत कई लोगों को अगले सप्ताह मुंबई स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है. उनके बयान मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत दर्ज किए जाएंगे.
ईडी के मुताबिक, डिनो और सेंटिनो मोरिया कथित दलाल केतन कदम के करीबी सहयोगी हैं, जिसे इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. केतन कदम और जय जोशी पर आरोप है कि उन्होंने नदी की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें जैसे 'सिल्ट पुशर' और 'अम्फीबियस पॉंटून मशीन' ठेकेदारों को किराए पर दीं.
मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की एक एफआईआर पर आधारित है, जो मई में 13 लोगों — ठेकेदारों और बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई थी. आरोप है कि वर्ष 2017 से 2023 के बीच मिठी नदी की सफाई के ठेके में गड़बड़ियां हुईं, और बीएमसी अधिकारियों ने ठेका प्रक्रिया को एक विशेष मशीन आपूर्तिकर्ता के अनुकूल बनाकर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया.
ईडी का कहना है कि प्रशांत रामगुड़े, भूपेंद्र पुरोहित, केतन कदम और अन्य निजी व्यक्तियों ने मिलकर एक "कार्टेल" बनाया, जो बीएमसी के टेंडर को प्रभावित करता था और सफाई कार्यों के लिए बढ़ी हुई दरों पर भुगतान करवाता था. इससे ठेकेदारों और उनसे जुड़े लोगों को अनुचित वित्तीय लाभ हुआ और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा.
ईडी के अनुसार, ये लाभ शेल कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग करके छिपाए गए. अब तक की कार्रवाई में एजेंसी ने 7 लाख रुपये नकद, 22 बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और एक डिमैट अकाउंट फ्रीज किया है. कुल जब्त/फ्रीज संपत्ति की कीमत 1.25 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
डिनो मोरिया और उनके भाई को पिछले महीने भी मुंबई पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया था. एजेंसी को संदेह है कि इन दोनों के केतन कदम और जय जोशी से आर्थिक लेन-देन संबंधी संबंध हो सकते हैं.
गौरतलब है कि मिठी नदी की सफाई की योजना 2005 की भीषण मुंबई बाढ़ के बाद शुरू की गई थी, जब शहर पूरी तरह ठहर गया था. तब से लेकर अब तक नदी की सफाई को लेकर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहे हैं.