महाराष्ट्र की उद्धव सरकार आज अपना बहुमत साबित करेगी. इसके बाद कल यानी रविवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा. शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन में स्पीकर का पद कांग्रेस के खाते में गया है और कांग्रेस ने नाना पटोले को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि बीजेपी ने किसन कथोरे को अपना प्रत्याशी बनाया है.
किसन कथोरे ने अपनी राजनीति की शुरुआत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से की थी. उन्होंने पहला चुनाव अंबरनाथ सीट से लड़ा और शिवसेना के कद्दावर नेता को हराया था. यह सीट 2008 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई. इस वजह से किसन कथोरे ने 2009 का चुनाव मुरबाड सीट से लड़ा और जीत दर्ज की. 2014 में किसन कथोरे बीजेपी में शामिल हो गए. 2014 और 2019 का चुनाव किसन कथोरे ने मुरबाड सीट से ही जीता.
कौन हैं नाना पटोले
2014 का लोकसभा चुनाव नाना पटोले ने बीजेपी के टिकट पर लड़ा था और एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल को हराया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयानबाजी करने के बाद पटोले ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस ज्वॉइन कर लिया. 2018 में नाना पटोले को किसान खेत मजदूर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. 2019 में नाना पटोले ने नितिन गडकरी के खिलाफ नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. फिलहाल, वह सकोली से विधायक हैं.
महाराष्ट्र विकास आघाडीच्या ज्येष्ठ नेत्यांच्या उपस्थितीत आज आ. @NANA_PATOLE जी यांनी महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पदाच्या निवडणुकीसाठी अर्ज दाखल केला.
आ. नाना पटोले जी यांचे हार्दिक अभिनंदन आणि पुढील वाटचालीसाठी शुभेच्छा! https://t.co/JSJZLlzgJQ
— Office of Uddhav Thackeray (@OfficeofUT) November 30, 2019
बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरूरत
स्पीकर के चुनाव से पहले उद्धव सरकार का आज बहुमत परीक्षण होगा. बहुमत परीक्षण दोपहर 2 बजे होगा. प्रोटेम स्पीकर दिलीप वालसे पाटिल बहुमत परीक्षण कराएंगे. विधानसभा में विधायकों की गिनती के आधार पर बहुमत का फैसला होगा. बहुमत के लिए महा विकास अघाड़ी को 145 विधायकों की जरूरत है.
महा विकास अघाड़ी के पास 154 विधायक
आंकड़ों पर नजर डाले तो महाराष्ट्र विधानसभा में 288 कुल सीटें हैं. बहुमत के लिए जरूरी नंबर 145 है. शिवसेना के पास 56, एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं. यानी कुल 154 विधायक हैं. बहुमत से 9 सीटें ज्यादा, हालांकि शिवसेना दावा कर रही है कि बहुमत के आंकड़े से वो कहीं ज्यादा है.
गठबंधन ने किया था 162 विधायकों का दावा
शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने सरकार बनने से पहले ही होटल में बहुमत परीक्षण का डेमो किया था और तब बताया था कि उनके पास 162 विधायक हैं. इन्हीं 162 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र उन्होंने राज्यपाल को सौंपा था और सरकार बनाने की बात कही थी.