महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी विधायक नितेश राणे ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख नेता संजय राउत कांग्रेस में शामिल होने के लिए दिल्ली में एक नेता से बातचीत कर रहे हैं. राणे ने बताया कि संजय राउत का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के पास उन्हें एक और कार्यकाल के लिए जीत दिलाने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं. बता दें कि नवंबर में हुए चुनावों में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीटें जीती थीं.
नितेश राणे ने संवाददाताओं से कहा कि संजय राउत को सामना (उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी का मुखपत्र) में लिखना चाहिए कि वह शिवसेना (यूबीटी) में कितने समय तक रहने वाले हैं. उन्हें दिल्ली में उस नेता के बारे में लिखना चाहिए, जिससे वह कांग्रेस में शामिल होने के लिए बातचीत कर रहे हैं, उन्हें इस मुद्दे पर बयान भी देना चाहिए.
रविवार को शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' में अपने साप्ताहिक कॉलम रोकठोक में संजय राउत ने दावा किया कि महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच "तनावपूर्ण संबंध" राज्य की प्रगति में बाधा बन रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि शिंदे अभी भी इस फैक्ट को स्वीकार नहीं कर पाए हैं कि नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया और वे इस पद को फिर से हासिल करने की बेताबी से कोशिश कर रहे हैं, जिसे फडणवीस पूरी तरह समझते हैं. शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस सहयोगी दल हैं.
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा था कि वह अपनी पार्टी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के बीच सुलह कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले दिलों का एक होना जरूरी है. शिरसाट ने कहा कि वह बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना में हुई टूट से दुखी हैं, जिसका नेतृत्व अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं. बता दें कि शिरसाट शिंदे खेमे के नेता हैं और शिवसेना के प्रवक्ता हैं. लिहाजा ये कहा जा सकता है कि महाराष्ट्र की सियासत में उथल-पुथल जारी है.