महाराष्ट्र में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में 5 फीसदी आरक्षण नहीं मिलेगा. महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार के एक प्रस्ताव के मुताबिक, ऐसी व्यवस्था करने वालाे अध्यादेश की अवधि पिछले 23 दिसंबर को ही खत्म हो गई.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र की पिछली कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने चुनाव से ठीक पहले मुसलमानों को सरकारी नौकरी में 5 फीसदी आरक्षण का अध्यादेश पास किया था.
पिछले साल जून में महाराष्ट्र की पिछली सरकार ने मराठाओं को 16 और मुसलमानों को 5 फीसदी रिजर्वेशन को मंजूरी दी थी. यह फैसला ऐसे समय में किया गया था जब चार महीने बाद 15 अक्टूबर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने थे.
14 नवंबर 2014 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने नौकरी और शिक्षा में मराठा रिजर्वेशन लागू करने के फैसले पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने मुसलमानों को नौकरियों में पांच फीसदी आरक्षण के फैसले पर भी स्टे लगा दिया था और सिर्फ शैक्षिक संस्थानों में मुसलमानों के रिजर्वेशन की अनुमति दी थी.
महाराष्ट्र सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई पर शीर्ष कोर्ट ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया और बॉम्बे हाईकोर्ट में ही सुनवाई करने का निर्देश दिया था.