महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायकों ने हंगामा किया. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीन सवाल पूछे. यह सवाल सत्र, शपथ और प्रोटेम स्पीकर को लेकर था. इसका जवाब प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने दिया और फडणवीस के सारे सवाल को खारिज कर दिया.
विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पहला सवाल उद्धव ठाकरे के शपथ पर उठाया. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का शपथ गलत तरीके से लिया गया. फडणवीस ने दूसरा सवाल पूछा कि अगर नया सत्र नहीं बुलाया गया है तो प्रोटेम स्पीकर को क्यों बदला गया. अगर नया सत्र है तो इसकी शुरुआत वंदे मातरम से क्यों नहीं हुई. तीसरा सवाल- अगर सरकार के पास बहुमत है तो गुप्त मतदान से बहुमत परीक्षण क्यों नहीं किया जा रहा है.
प्रोटेम स्पीकर ने दिए ये जवाब
इस पर प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने पहले सवाल पर कहा कि विधानसभा में सदन से जुड़े मसलों पर ही चर्चा की जाएगी. दूसरे सवाल के जवाब में प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि मंत्रिमंडल को प्रोटेम स्पीकर बदलने का अधिकार होता है. मंत्रिमंडल ने अपनी सिफारिश राज्यपाल को भेजी थी. राज्यपाल के आदेश के बाद प्रोटेम स्पीकर को बदला गया है. यह नया सत्र नहीं है.
देवेंद्र फडणवीस के तीसरे सवाल का जवाब देते हुए प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि सुप्रीम के आदेश अनुसार गुप्त मतदान नहीं किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि हार्स ट्रेडिंग को रोकने के लिए गुप्त मतदान नहीं होगा और सदन की कार्यवाही का लाइव टेलिकास्ट होगा.
BJP leader Devendra Fadnavis: We are going to submit a letter to the Governor asking him to suspend the proceedings of the House, and that the House should follow the Constitution. #Maharashtra https://t.co/OJgq74SnVW
— ANI (@ANI) November 30, 2019
बीजेपी ने किया वॉक आउट
प्रोटेम स्पीकर के बयान के बाद बीजेपी विधायकों ने वॉक आउट कर दिया. वॉक आउट करने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सत्र को बुलाया गया है. यह असंवैधानिक है. प्रोटेम स्पीकर को बदलना भी असंवैधानिक है. हम राज्यपाल को एक पत्र सौंपने जा रहे हैं, जिसमें उनसे सदन की कार्यवाही स्थगित करने के लिए कहेंगे और सदन को संविधान का पालन करना चाहिए.