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नदियों में उफान, गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूटा... महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश से भयावह हालात; PM मोदी ने की उद्धव से बात

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. मुंबई, सांगली, अकोला आदि के कई इलाके बारिश की वजह से जलमग्न हो गए हैं. इसके साथ ही कई नदियां भी उफान पर हैं.

बाढ़ के पानी में डूबी बस बाढ़ के पानी में डूबी बस
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश
  • नदियों का जलस्तर में खतरनाक बढ़ोतरी
  • कई गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूटा

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. मुंबई, सांगली, अकोला आदि के कई इलाके बारिश की वजह से जलमग्न हो गए हैं. इसके साथ ही कई नदियां भी उफान पर हैं. अमरावती की सबसे बड़ी सिपना नदी में उफान आ गया, जिसकी वजह से पुल के ऊपर पानी पहने लगा. पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. महाराष्ट्र के इन जिलों में पड़ने वाले कई गांवों का बाढ़ की वजह से बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है. लोगों के घरों में पानी भर गया है.

महाराष्ट्र में बाढ़ के हालात के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे से बात की और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की. हालात को सुधारने के लिए केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. सभी की सुरक्षा और सलामती के लिए प्रार्थना करता हूं.'' वहीं, राज्य में प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं. वायुसेना-नौसेना के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीमों को भी बचाव कार्य के लिए उतारा गया है. देखिए, किन जिलों में कैसे हैं हालात...

सांगली
सांगली जिले में मुसलाधार बारिश की वजह से चांदोली बांध पानी से लबालब हो गया है. चांदोली बांध के दरवाजे खोले गए और 4 हजार 883 क्युसेक्स  पानी छोड़ा गया. सुबह आठ से दोपहर 4 बजे तक 75 मिलिमीटर बारिश दर्ज की गई है. नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से कई जगह जाम लग गया है. 

कोल्हापुर 
महाराष्ट्र कोल्हापुर जिले में पिछले 2 दिन से हो रही है तेज बारिश के चलते हैं कोल्हापुर की सभी नदियां उफान पर आ चुकी हैं. बाढ़ की हालत को देखकर जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ की 2 टीमों को कोल्हापुर भेजा है, जहां वे रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई हैं. जिला प्रशासन ने नदी किनारे गांव में लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. पंचगंगा नदी अब अपने अलर्ट के निशान के ऊपर 40 फीट पर बह रहे हैं. यह 43 फीट पर डेंजर कहलाती है. तेज बारिश के चलते आज देर रात में डेंजर लेवल तक ऊपर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. बाढ़ का सामना करने के लिए नदी किनारे सभी गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है. साथ ही 30 से ज्यादा हाईवे रास्तों पर पानी आने से सड़क बंद हैं. कोल्हापुर जिले से कोकन इलाके में जाने वाले गगनबावड़ा, रत्नागिरी की सड़कें बंद है.

अकोला 
अकोला में देर शाम बादल फटने जैसी बारिश हुई, जिसके बाद अकोला शहर के बीचों-बीच से बहने वाली मोरना नदी में अचानक बाढ़ आ गई. इस वजह से नदी किनारे बने 50 से 60 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया. हालांकि लोगों को वक्त रहते ही बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया. बाढ़ के कारण अकोला जिला पूरी तरीके से बाढ़ प्रभावित हुआ है. लगभग 10 से 15 गांव इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. कई गांव में लोग फंसे हैं, जिन्हें निकालने की कोशिश जिला प्रशासन की रेस्क्यू टीम कर रही है तो वहीं जिले के एसडीएम और शहर के एसडीपीओ अपने इलाके का मुआयना करते हुए जहां बाढ़ में फंसे लोगों को वहां से निकाले जाने की कार्रवाई शुरू है.

बाढ़ के पानी में डूब गईं गाड़ियां

नागपुर 
नागपुर में आज दोपहर से मुसलाधार बारिश हो रही है. शहर के नरेंद्र नगर पुल के नीचे पानी भरने की वजह से छत्रपति नगर जाने वाला मार्ग बंद हो गया. जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम लगा रहा. 

अमरावती 
मेलघाट की सबसे बड़ी सिपना नदी में उफान आ गया है. इसकी वजह से कई पुल के ऊपर से पानी बहने लगा. मेलघाट का कई गांवों से संपर्क टूट गया.  पिछले तीन दिन से मेलघाट में लगातार बारिश हो रही है. 

सिंधुदुर्ग 
सिंधुदुर्ग जिले में मुसलाधार बारिश हो रही है. सुबह से हो रही बारिश की वजह से कुडाल तहसील का अंबेरी पुल डूब गया है. इसकी वजह से 27 गांवों का संपर्क टूट गया है. वहीं, सावंतवाडी तहसीलदार राजाराम म्हात्रे ने बताया कि सावंतवाडी तहसील में शिरशिंगे पुल डूब गया है. जिसकी वजह से शिरशिंगे गांव से संपर्क टूट गया है. करूल घाट से भुईबावडा घाट मार्ग का यातायात बंद हो गया है. करूल घाट पर लैंडस्लाइड हुआ है. जिसकी वजह से यातायात ठप है.

उद्धव ठाकरे ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की
राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कहर के बाद महाराष्ट्र अलर्ट पर है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 22 जुलाई को रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव हो गया है. मौसम विभाग ने कोंकण तट पर अगले तीन दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन एजेंसी और अन्य संबंधित विभागों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

भारी बारिश से पालघर जिले में तीन की मौत
महाराष्ट्र के पालघर जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. मुंबई से सटे तटीय पालघर और ठाणे जिलों में रात और गुरुवार की सुबह भारी बारिश हुई, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं.अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को फंसे हुए सैकड़ों लोगों को बचाने के लिए लगाया गया है.

 

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