scorecardresearch
 

कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र में सिर्फ 3 दिन का वैक्सीन स्टॉक, आंध्र ने भी मांगे 1 करोड़ डोज

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीनेशन को लेकर कई राज्यों ने चिंता जताई है. महाराष्ट्र का कहना है कि उनके पास सिर्फ तीन दिन का वैक्सीन स्टॉक है, जबकि आंध्र प्रदेश ने भी केंद्र से तुरंत एक करोड़ डोज़ की मांग रखी है. हालांकि, केंद्र का कहना है कि किसी राज्य को वैक्सीन की कमी नहीं आने दी जाएगी.

वैक्सीन को लेकर राज्यों ने जताई चिंता (फोटो: PTI) वैक्सीन को लेकर राज्यों ने जताई चिंता (फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र में कोरोना का संकट बेकाबू
  • मंत्री बोले- नया स्ट्रेन हो सकता है वजह
  • आंध्र ने भी एक करोड़ डोज़ मांगी

महाराष्ट्र में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की रफ्तार से हर कोई परेशान है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बड़ा बयान दिया है. महाराष्ट्र के मंत्री का कहना है कि उन्हें शक है कि राज्य में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की एंट्री हो गई है, इसी वजह से ये तेज़ी से लोगों में फैल रहा है.

सरकार ने इसके लिए कुछ सैंपल चेक करने के लिए भेजे हैं. इतना ही नहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने चेताया है कि उनके पास वैक्सीन का सिर्फ तीन दिन का स्टॉक बचा है, ऐसे में वैक्सीन की सप्लाई तेज़ी से होना जरूरी है. महाराष्ट्र के बाद आंध्र प्रदेश ने भी वैक्सीन की डिमांड की है. 

'वैक्सीन सेंटर्स पर डोज नहीं, वापस जा रहे लोग'
वैक्सीनेशन को लेकर भी राजेश टोपे ने कहा कि कई वैक्सीनेशन सेंटर्स पर उचित मात्रा में डोज़ नहीं हैं, इसलिए लोगों को वापस भेजा जा रहा है. हमने केंद्र सरकार से मांग की है कि 20-40 साल के लोगों को भी वैक्सीन की डोज़ दी जानी चाहिए. 

मंत्री के मुताबिक, अभी महाराष्ट्र में 14 लाख वैक्सीन की डोज़ हैं जो अगले तीन दिन में खत्म हो जाएंगी. हमने हर हफ्ते 40 लाख वैक्सीन डोज़ की मांग की है. हम ये नहीं कह रहे हैं कि केंद्र वैक्सीन नहीं दे रहा है, लेकिन देने की रफ्तार काफी कम है. 

आपको बता दें कि वैक्सीन लगाने के मामले में अभी महाराष्ट्र सबसे आगे हैं. यहां पर अभी तक 85 लाख से अधिक कोरोना की डोज लग चुकी हैं, जो देश में सबसे अधिक है. हर रोज यहां औसतन 4 लाख से अधिक डोज लग रही हैं. 

आंध्र प्रदेश ने भी रखी डिमांड
महाराष्ट्र से अलग आंध्र प्रदेश ने भी वैक्सीन को लेकर डिमांड की है. आंध्र प्रदेश ने केंद्र से तुरंत प्रभाव से एक करोड़ डोज़ मांगे हैं. राज्य सरकार का कहना है कि उनके पास 3.7 लाख डोज़ है, हम रोज 1.3 लाख डोज़ लगा रहे हैं. अगर अधिक वैक्सीन होती है तो हम ज्यादा भी लगा सकते हैं. 

केंद्र की ओर से क्या दिया गया जवाब?
वैक्सीन की कमी के बारे में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि किसी भी राज्य में वैक्सीन की ना कमी है, ना कमी रहने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्यों की जरूरत के मुताबिक सबको वैक्सीन पहुंचाई जा रही है. मंत्री ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य सचिव भी कह चुके हैं कि किसी राज्य को वैक्सीन की कमी नहीं आने दी जाएगी. 

मामलों की रफ्तार बढ़ा रही चिंता
बता दें कि महाराष्ट्र में बीते कुछ दिनों से कोरोना संकट बेकाबू हो गया है. बीते दिन ही राज्य में 56 हजार के करीब केस दर्ज किए गए, जो अबतक का रिकॉर्ड है. 

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि कोरोना संकट के वक्त किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए, अभी जो सख्ती की गई है उसपर मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की थी. देवेंद्र फडणवीस ने भी इसका समर्थन किया है.

ऑक्सीजन की पूर्ति को लेकर मंत्री ने कहा कि अभी 12 मैट्रिक टन ऑक्सीजन आ रहा है, जिसमें 7 मीट्रिक टन का रोज इस्तेमाल हो रहा है. अगर मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होती है, तो मेडिकल इंडस्ट्री के अलावा अन्य जगह इसकी सप्लाई रोकी जा सकती है. 

अगर पूरे देश में कोरोना के आंकड़ों को देखें, तो बीते दिन कोरोना के 1.15 लाख केस सामने आए. इन आंकड़ों ने पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. देश में अब 8.41 लाख कोरोना के एक्टिव केस हैं. देश में सबसे अधिक केस महाराष्ट्र और दिल्ली से ही आ रहे हैं.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें