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उद्धव के खिलाफ टिप्पणी पड़ी महंगी, शिवसैनिकों ने पीटा, कराया मुंडन

नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को आरोपी शख्स को पकड़ कर पहले हाथापाई की, फिर जबरन उसका मुंडन कर दिया. जिस शख्स के साथ शिवसैनिकों ने बदसलूकी की, उसका फेसबुक पर नाम राहुल तिवारी है, जबकि उसका असली नाम हीरामणि  है.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की फाइल फोटो (PTI) मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की फाइल फोटो (PTI)

  • उद्धव के जलियांवाला बाग बयान से नाराज था शख्स
  • विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से रहा है नाता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना एक शख्स को महंगा पड़ गया. वडाला के रहने वाले शख्स की शिवसैनिकों ने पिटाई की और उसका जबरन मुंडन कराया. दरअसल, जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी मामले पर उद्धव ठाकरे के बयान को लेकर इस शख्स ने सोशल मीडिया पर विवादास्पद पोस्ट किया था. इस पर शिवसेना के कार्यकर्ता भड़क गए.

पोस्ट से से नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को आरोपी शख्स को पकड़कर पहले हाथापाई की, फिर जबरन उसका मुंडन कर दिया. जिस शख्स के साथ शिवसैनिकों ने बदसलूकी की, उसका फेसबुक पर नाम राहुल तिवारी है, जबकि असली नाम हीरामणि तिवारी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया है.

जलियांवाला बाग टिप्पणी से नाराज

जामिया में छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को उद्धव ठाकरे ने जलियांवाला बाग से जोड़ा था और कहा था कि जामिया कैंपस में पुलिस जिस प्रकार से दाखिल हुई और छात्रों को पीटा गया, वह मंजर जलियांवाला बाग की तरह था. ठाकरे ने यह भी कहा कि पूरे देश में जलियांवाला बाग की तरह हालात बनाए जा रहे हैं. चारों ओर भय का माहौल है. उन्होंने कहा कि जिस देश में युवा परेशान रहेगा, वहां स्थिरता नहीं आ सकती.

फेसबुक पोस्ट पर मिली धमकी

एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ठाकरे के खिलाफ पोस्ट लिखने वाले तिवारी ने धमकियां मिलने के बाद पोस्ट डिलिट कर दिया था. लेकिन रविवार को अचानक शिवसेना के संगठन समाधान जुकदेव के कार्यकर्ता और प्रकाश हसबे नाम के एक व्यक्ति तिवारी के घर पहुंचे और पीटना शुरू कर दिया. तिवारी के शांति नगर स्थित घर में शिवसैनिकों ने पहले तो पिटाई की और बाद में उसका सिर मुंड़ दिया.

विहिप से जुड़ा रहा है शख्स

बाद में तिवारी की शिकायत पर वडाला पुलिस ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. तिवारी का दावा है कि पूर्व में वह विश्व परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों से जुड़ा रहा है. तिवारी ने कहा कि कानून हाथ में लेने से पहले फेसबुक पोस्ट पर किसी को ऐतराज था तो कानूनी कार्रवाई कराई जानी चाहिए थी. तिवारी ने कहा कि सेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने केवल अपना विचार जाहिर किया था. पुलिस ने तिवारी का बयान दर्ज कर लिया है.

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