scorecardresearch
 

किसान आंदोलन के लिए सरकार की भूमिका सकारात्मक नहीं, शरद पवार का केंद्र पर निशाना

एनसीपी नेता शरद पवार ने केंद्र सरकार पर किसान आंदोलन को लेकर निशाना साधा है. पवार ने कहा कि दुख की बात है कि किसानों के आंदोलन के प्रति केंद्र सरकार की भूमिका सकारात्मक नहीं दिख रही है.

Advertisement
X
एनसीपी नेता शरद पवार
एनसीपी नेता शरद पवार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पवार ने किसान आंदोलन को लेकर केंद्र पर बोला हमला
  • 'इस देश ने अशांत पंजाब की कीमत चुकाई है'

एनसीपी नेता शरद पवार ने केंद्र सरकार पर किसान आंदोलन को लेकर निशाना साधा है. पवार ने कहा कि दुख की बात है कि किसानों के आंदोलन के प्रति केंद्र सरकार की भूमिका सकारात्मक नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 महीनों से किसानों का आंदोलन चल रहा है. मैं खुद वहां किसानों के आंदोलन में दो से तीन बार जाकर आया हूं.

शरद पवार ने कहा कि आंदोलन में जो लोग शामिल हैं, उनमें से ज्यादा लोग पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और राजस्थान के कुछ हिस्सों के हैं. इसमें से पंजाब से ज्यादा लोग हैं और इसी वजह से हम केंद्र सरकार से कहते हैं कि पंजाब के किसानों को अस्वस्थ न होने दें. पंजाब बॉर्डर का राज्य है और बॉर्डर के राज्यों को हम अस्वस्थ करते हैं तो उसके दुष्परिणाम क्या होते हैं, यह एक बार देखा गया है. इस देश ने अशांत पंजाब की कीमत चुकाई है और कीमत इंदिरा गांधी की हत्या तक चुकाई गई है.

उन्होंने आगे कहा कि दूसरी तरफ पंजाब के लोगों ने चाहे सिख हो या हिन्दू, इस देश के लिए अनाज सप्लाई करने के लिए बड़ा योगदान हमेशा से दिया है. इस देश की सुरक्षा का प्रश्न जब भी आता है, तब आप और मैं इस पर सिर्फ भाषण करते हैं, लेकिन पंजाब के लोग सीधे इसका सामना  करते हैं. लड़ाई में भी मुकाबला करते हैं.

Advertisement

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब का सारा बॉर्डर पाकिस्तान के साथ लगता है, इसलिए पंजाब के लोगों को बॉर्डर के तनाव वाली स्थिति का सामना करना पड़ता है. इसलिए देश के लिए ऐसा त्याग करने वाले, अनाज की सप्लाई करने वाले ये लोग अगर किसी मांग के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो फिर सरकार को उस पर ध्यान देना चाहिए.

बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को पारित किया था, जिसके खिलाफ बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की मांग तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी पर कानून बनाने की है. इसके अलावा, किसान कई राज्यों में महापंचायत करते हुए भी बीजेपी पर हमला बोल रहे हैं.

BSF का क्षेत्र बढ़ने पर बादल ने CM चन्नी को घेरा

उधर, पंजाब में बीएसएफ के संचालन क्षेत्र में विस्तार के मामले में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह (पंजाब में बीएसएफ के संचालन क्षेत्राधिकार का विस्तार) सेना के शासन की तरह है. अब आधा पंजाब केंद्र के अधीन है. बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों के पास दरबार साहिब, वाल्मीकि मंदिर में प्रवेश कर सकती है और किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है. सीएम दोषी हैं. उन्होंने गृह मंत्री से मुलाकात की और मंजूरी दी.''

Advertisement

 

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement