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अपने ही पैसों के लिए बैंक के चक्कर लगाता रहा किसान, नहीं मिला तो गेट पर दे दी जान

बीड के गेवराई में एक किसान ने छत्रपति मल्टीस्टेट बैंक के दरवाजे पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक सुरेश जाधव ने बैंक में 11 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन जरूरत के समय पैसे नहीं मिलने से आहत होकर उन्होंने यह जानलेवा कदम उठा लिया. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक के परिजनों ने बैंक संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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किसान ने बैंक के गेट पर दी जान
किसान ने बैंक के गेट पर दी जान

महाराष्ट्र के बीड में एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. एक किसान ने बैंक से पैसे न मिलने के कारण छत्रपति मल्टीस्टेट बैंक की शाखा के दरवाज़े पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना बुधवार को हुई जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है.

मृतक की पहचान सुरेश आत्माराम जाधव (गेवराई) के रूप में हुई है. सुरेश ने अपने खेत की कमाई से 11 लाख रुपये छत्रपति मल्टीस्टेट में जमा कर रखे थे. यह राशि उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी के खर्च के लिए जमा की थी लेकिन जब उन्हें इन पैसों की सख्त ज़रूरत पड़ी, तो कई बार शाखा में चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें अपने पैसे नहीं मिले.

WhatsApp मैसेज भेजकर दी जान

लगातार मानसिक तनाव और हताशा से ग्रस्त होकर सुरेश जाधव ने बुधवार सुबह बैंक के दरवाजे पर ही फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली. आत्महत्या से पहले उन्होंने बैंक के ब्रांच मैनेजर ज्योति क्षीरसागर को वॉट्सऐप पर एक भावुक संदेश भेजा. उसमें उन्होंने लिखा, 'मेरे बेटे की पढ़ाई बर्बाद करने के लिए धन्यवाद… किसी को ऐसा अंत न देखने दें.' इसके अलावा उन्होंने डायरेक्टर संतोष भंडारी को भी यह संदेश भेजा.

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पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

इस घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. सुरेश जाधव की पत्नी और बेटी ने मल्टीस्टेट बैंक के संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पीड़ित परिवार ने कहा कि उनके साथ वित्तीय अन्याय हुआ है, और इसी कारण उन्हें यह घातक निर्णय लेना पड़ा.

स्थानीय लोगों और समाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर रोष जताते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है. वहीं, पुलिस ने ब्रांच मैनेजर और डायरेक्टर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

 

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इनपुट - रोहिदास हातागले
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