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25 चप्पल मारने वाले सांसद की ये 25 बातें, जो कोई नहीं जानता

एअर इंडिया के स्टाफ को चप्पल से मारने के बाद रवींद्र गायकवाड़ पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए हैं. एअरलाइन स्टाफ को 25 थप्पड़ मारने वाले गायकवाड़ से जुड़ी 25 बातें जो आप नहीं जानते होंगे.

शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़

शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ की मुश्किलें कम होती नहीं दख रही हैं. मंगलवार को गायकवाड़ ने एक बार फिर एअर इंडिया की फ्लाइट का टिकट बुक कराया. लेकिन उनका टिकट रद्द कर दिया गया. एअर इंडिया के स्टाफ को चप्पल से मारने के बाद रवींद्र गायकवाड़ पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए हैं. एअरलाइन स्टाफ को 25 थप्पड़ मारने वाले गायकवाड़ से जुड़ी 25 बातें जो आप नहीं जानते होंगे.

ये हैं 25 बातें
1. रविंद्र गायकवाड़ की उम्र 58 है और अभी तक उन्होंने एक भी विदेश यात्रा नहीं की है. फ्री टूर का ऑफर भी उन्होंने कई बार ठुकराया है.
2. गायकवाड़ के दादा परदादा की उमरगा तहसील के जमीनदार थे. पिताजी ने पढ़ाई कर वकालत की. साथ ही वो सामाजिक कार्यों में लगे रहे.
3. स्कूल की पढ़ाई उमरगा में हुई. पढ़ाई में तेज थे लेकिन क्लास में अव्वल नंबर कभी नहीं आया. उमरगा के छत्रपति शिवाजी महाविद्यालय बीकॉम और एमकॉम किया. नौकरी के साथ-साथ बीएड की पढ़ाई पूरी की.
4. प्रोफेसर रवींद्र गायकवाड़ की कई विषयों पर अच्छी जानकारी है. वह बेहतर प्रवक्ता माने जाते हैं.
5. 1985-86 में उमरगा तहसील में शिव जयंती उत्सव के दौरान उन्हें भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया. शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे को उनके बारे में पता चला. बाला साहेब ने रवींद्र गायकवाड़ को उस्मानाबाद का जिला प्रमुख बनाने का आग्रह किया. लेकिन उन्होंने उपजिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली.
6.1990 में पहली बार गायकवाड़ बीजेपी के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़े. गायकवाड़ तीसरे नंबर पर रहे.
7. 1993 के किल्लारी भूकंप के दौरान रवींद्र ने दिन रात एक कर पीड़ित लोगों के लिए काम किया. जिसका फायदा उन्हें 1995 के चुनाव में हुआ. रवींद्र ये चुनाव जीत गए.
8. विधायक रवींद्र गायकवाड़ के नेतृत्व में किल्लारी चीनी मिल के चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के पीनल को पराजित कर महाजीत हासिल की. चीनी मिल ने उत्पादन में कीर्तिमान स्थापित किए.
9. गायकवाड़ को प्रवचनकार की ख्याति भी प्राप्त है. 1997 से वह प्रवचन करते रहे हैं. हालांकि अब उन्होंने प्रवचन कम कर दिए हैं.
10. रवींद्र गायकवाड़ शराब नहीं पीते. वह शुद्ध शाकाहारी हैं.
11. रवींद्र गायकवाड़ के घर के सामने मस्जिद है और घर के बगल में दरगाह है. उन्होंने अक्सर दरगाह को आर्थिक मदद की. गायकवाड़ को सभी धर्म के लोगों का समर्थन प्राप्त है.
12. गायकवाड़ के पास एसयूवी कार है. लेकिन गांव में वो स्कूटी पर घूमते हैं. विधायक रहते हुए अक्सर बस से मुंबई का सफर किया.
13. उमरगा में कई बार आग लगने की घटना हुई. गायकवाड़ ने खुद बकेट से पानी डालकर आग बुझाने में मदद की.
14. गायकवाड़ पर अभी तक आठ केस दर्ज हैं. उनके करीबी बताते हैं कि सभी मामले राजनीतिक रंजिश के चलते दर्ज कराए गए.
15. रविंद्र गायकवाड़ को लोग 'नॉट रीचेबल' कहते हैं. दरअसल ने गायकवाड़ के मोबाइल की रिंगटोन में ही नॉट रीचेबल सुनने को मिलता है.
16. उस्मानाबाद तहसील में इनका पोस्टर लगाया गया था. पोस्टर में लिखा था,' इस नेता को तलाशो और एक हजार रुपए जीतो.'
17. 2014 में सांसद चुने जाने के बाद तीन से चार महीने तक उनके पास दिल्ली में मोबाइल नहीं था. महाराष्ट्र सदन के फोन वो लोगों से संपर्क करते थे.
18. दिल्ली में सांसद आवास के बजाय उन्होंने छोटा फ्लैट लिया. क्योंकि वह दिल्ली में अकेले रहते हैं. उनका परिवार उमरगा में रहता है.
19. गायकवाड़ पर मारपीट के आरोप कभी नहीं लगे. वह बातची से विवाद सुलझाने में विश्वास रखते हैं.
20. 2004 में उनके खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज हुआ. हालांकि बाद में वो बरी कर दिए गए.
21. 2004 में जब वह दूसरी बार विधायक बने तो विरोधियों ने शिवसैनिकों की पिटाई कर दी. रवींद्र गायकवाड़ पिटाई के आरोपी शख्स के घर पहुंचे और उसे माफी मांगने के लिए बोला. जब वह राजी नहीं हुआ तो गायकवाड़ ने उसे थप्पड़ जड़ दिया. तब भी उन्होंने थप्पड़ मारने की बात कबूल की थी.
22. मुंबई के आमदार निवास में गायकवाड़ अपने दोस्त के साथ रहने आते तो अपना बिस्तर दोस्त को दे देते. जबकि खुद जमीन पर एक चटाई डालकर सोए.
23. जब मुंबई या दिल्ली जाते हैं तो ट्रेन या प्लेन में मिलने वाला खाना खाने से बचते हैं. घर से लाई हुई चपाती, भाकरी और दाल-चटनी ही खाते हैं.
24. पहली बार विधायक बनने के बाद गायकवाड़ ने 80 तालाब बनवाए. जिससे पानी की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ.
25. 1999 में गायकवाड़ ने मुख्य मंत्री नारायण राणे से लोहारा तालुका बनाया. जिससे ज्यादातर सरकारी दफ्तर बीस किलोमीटर के दायरे में आ गए.

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