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वैक्सीन को लेकर तकरार तेज, कांग्रेस बोली- PAK को दे रहे महाराष्ट्र के लिए राजनीति

महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्य वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं. वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र और राज्यों में जुबानी जंग छिड़ गई है. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि पाकिस्तान को वैक्सीन दे रहे लेकिन महाराष्ट्र के साथ राजनीति की जा रही.

महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी को लेकर राजनीति तेज (सांकेतिक-पीटीआई) महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी को लेकर राजनीति तेज (सांकेतिक-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र ने की थी हर हफ्ते 40 लाख डोज की डिमांड
  • हमें सिर्फ 17 लाख डोज मिलीः स्वास्थ्य मंत्री, महाराष्ट्र
  • मुंबई के 26 कोरोना सेंटर वैक्सीन के अभाव में बंद

देश में कोरोना के बढ़ते मामले के बीच वैक्सीन की कमी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है. महाराष्ट्र सरकार की ओर से वैक्सीन वितरण में भेदभाव का आरोप लगाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने गलत योजना से 5 लाख डोज बर्बाद कर दिया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रमुख नाना पटोले ने यहां तक कहा कि केंद्र पाक को मुफ्त में वैक्सीन दे रहा है लेकिन महाराष्ट्र के लिए राजनीति कर रहा है.

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने वैक्सीन वितरण को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि आज, हमारा देश पाकिस्तान को मुफ्त में वैक्सीन दे रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के लिए, वे इस पर राजनीति कर रहे हैं. भाजपा के राज्य और केंद्रीय नेता महाराष्ट्र को निशाना बना रहे हैं और वे निश्चित रूप से परिणाम भुगतेंगे.

इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी के बारे में कहा कि वहां वैक्सीन की कोई कमी नहीं है. जरूरत के हिसाब से केंद्र सरकार सबको वैक्सीन देती है. वहां पर वैक्सीन का वितरण करना राज्य सरकार का काम है. 5 लाख डोज वहां की सरकार ने खराब कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी कोई प्लानिंग नहीं थी अपनी कमियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

जावड़ेकर ने कहा कि आज सुबह तक महाराष्ट्र के पास 23 लाख डोज थे. महाराष्ट्र ने खराब प्लानिंग की वजह से 5 लाख डोज बर्बाद कर दिए हैं. केंद्र सभी राज्यों को 3-4 दिनों के लिए वैक्सीन दे रहा है. उन्होंने कहा कि वितरण को लेकर पूरी तरह से राज्य की जिम्मेदारी है. सभी राज्यों के पास 3-4 दिन के स्टॉक थे और बाकी पाइपलाइन में हैं. केंद्र ने पहले के वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद इसे डिलीवर किया. यह इसी तरह की बात है- उल्टा चोर कोतवाल को डांटे.

हमें 17 लाख डोज ही दी गई: महाराष्ट्र
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार की ओर से वैक्सीन वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया गया. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमें हफ्ते में सिर्फ 17 लाख कोरोना वैक्सीन की डोज मिली है, जबकि उत्तर प्रदेश को 48 लाख, मध्य प्रदेश को 40 लाख और गुजरात को 30 लाख वैक्सीन डोज दी गई.

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा, 'मैंने केंद्र के भेदभाव के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से बात की, हमारे यहां सबसे अधिक केस है, सबसे ज्यादा आबादी है और 57 हजार से अधिक मौतें हुई हैं, बावजूद इसके भेदभाव किया जा रहा है, मेरी शिकायत पर हर्षवर्धन ने कहा कि मैं देखता हूं और इसको सही कराता हूं.'

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह भी कहा कि वैक्सीन की कमी के कारण सतारा, पनवेल समेत कई इलाकों में टीकाकरण रूक गया है, हमने सबसे अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की खुराक दी, बावजूद इसके दूसरे राज्यों को अधिक स्टॉक दिया गया, हमने हर हफ्ते 40 लाख कोरोना वैक्सीन की डोज की मांग की थी.

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हमारी मदद कर रही, लेकिन इस तरह मदद नहीं की जानी चाहिए, गुजरात की आबादी 6 करोड़ है और उन्हें अब तक 1 करोड़ से अधिक वैक्सीन मिल चुके हैं, जबकि महाराष्ट्र की आबादी 12 करोड़ है और उसे अब तक 1 करोड़ 4 लाख डोज ही दिया गया है.

महाराष्ट्र में वैक्सीन की खासी किल्लत हो गई है. मुंबई के 26 कोरोना सेंटर को वैक्सीन के अभाव में बंद करना पड़ा. इसके अलावा मुंबई के बाकी सेंटर्स पर सिर्फ दो दिन का ही डोज है. इसके अलावा सतारा, सांगली, पनवेल समेत कई इलाकों में वैक्सीन की कमी के कारण टीकाकरण केंद्र बंद करने पड़े.

 

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