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'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' पर गरमाई सियासत, राउत बोले- बीजेपी छोड़ें छत्रपति के वंशज

शिवेंद्र राजे भोसले ने शिवसेना से संभलकर बोलने को कहा है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी से इस किताब को आगे प्रचारित नहीं करने की सलाह देते हुए कहा है कि अतिउत्साहित कार्यकर्ताओं पर लगाम कसनी जरूरी है.

छत्रपति शिवाजी से पीएम मोदी की तुलना पर विवाद छत्रपति शिवाजी से पीएम मोदी की तुलना पर विवाद

  • छत्रपति शिवाजी की तुलना पीएम मोदी से करने पर नाराज शिवसेना
  • शिवेंद्र राजे भोसले ने शिवसेना से संभल कर बोलने की दी सलाह

दिल्ली बीजेपी नेता जय भगवान गोयल ने 'आज के शिवाजी नरेंद्र मोदी' नाम से एक किताब लिखी. इधर दिल्ली में किताब का विमोचन हुआ और उधर महाराष्ट्र में सियासी घमासान शुरू हो गया. शिवसेना, छत्रपति शिवाजी की तुलना पीएम मोदी से करने पर नाराज है. शिवसेना नेताओं ने कहा कि इस तरह की किताब से मराठी मानुष का अपमान हुआ है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक तरफ बीजेपी से स्पष्ट करने को कहा है कि उनका इस किताब से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं, शिवाजी महाराज के वंशज और सतारा सीट से विधायक शिवेंद्र राजे भोसले से सवाल किया है कि क्या वो पीएम मोदी की शिवाजी से तुलना को सही मान रहे हैं?

शिवेंद्र राजे भोसले ने शिवसेना से संभल कर बोलने को कहा है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी से इस किताब को आगे प्रचारित नहीं करने की सलाह देते हुए कहा है कि अतिउत्साहित कार्यकर्ताओं पर लगाम कसनी जरूरी है.

इससे पहले, शिवसेना सांसद संजय राउत ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शिवाजी की तुलना पीएम मोदी से करने को लेकर ऐतराज जाहिर किया. उन्होंने लिखा, 'इस पुस्तक का विमोचन दिल्ली में बीजेपी कार्यालय में हुआ, इस पुस्तक के लेखक जयभगवान गोयल हैं, ये कौन हैं? यह भगवान गोयल वही शख्स हैं जिन्होंने दिल्ली में महाराष्ट्र सदन में हमला किया था और महाराष्ट्र के शिवाजी महाराज के साथ मराठी लोगों का अपमान किया था. बहुत अच्छा बीजेपी.'

राउत ने आगे कहा, 'बीजेपी ऐलान करे कि उनकी पार्टी इस किताब का समर्थन नहीं करती है.'

वहीं, शिवेंद्र राजे भोसले से राउत ने कहा, 'वो स्पष्ट करें कि उन्हें छत्रपति शिवाजी से पीएम मोदी की तुलना पसंद है?' राउत ने शिवेंद्र राज भोसले से कहा कि उन्हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए. जिसके जवाब में भोसले ने उन्हें हल्की बयानबाजी से बचने की सलाह दी है.

एनसीपी विधायक और महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अहवाद ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि तुलना करना गलत नहीं है. लेकिन आपको पता होना चाहिए कि आप उस लायक हैं या नहीं? पीएम मोदी पर भी यही अवधारणा लागू होती है. उन्हें पता होना चाहिए कि वो किस लायक हैं.

सत्ताधारी शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी तीनों दलों ने इस पुस्तक पर नाराजगी जताते हुए बीजेपी पर शिवाजी का अपमान करने का आरोप लगाया है.

जाहिर है अभी हाल ही में महानगर पालिका चुनाव संपन्न हुआ है, जिसमें बीजेपी को महा विकास आघाड़ी के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. ऐसे में यह किताब हाल ही में सत्ता से बाहर हुई बीजेपी के लिए राज्य में मुसीबत बन सकती है.

वहीं महाराष्ट्र सरकार में निर्माण कार्य मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व और उनके कार्यों की तुलना नहीं की जा सकती है. कोई कितनी भी कोशिश कर ले, वह छत्रपति शिवाजी महाराज की बराबरी नहीं कर सकते.'

बता दें, दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में रविवार को आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक सम्मलेन के दौरान किताब का विमोचन किया गया. इस मौके पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, प्रभारी श्याम जाजू और पूर्व सांसद महेश गिरी सहित कई अन्य नेता मौजूद थे.

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