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बंबई HC का बड़ा फैसला, बकरीद पर घरों में पशुवध पर लगाई रोक

कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी परमिट से परे नहीं है. बंबई हाई कोर्ट ने यह भी जांचने को कहा है कि कितने लोगों के पास गैरकानूनी परमिट और लाइसेंस हैं.

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बंबई हाई कोर्ट
बंबई हाई कोर्ट

बकरीद के मद्देनजर बंबई हाई कोर्ट ने प्राइवेट फ्लैट्स और हाउसिंग सोसाइटीज में पशुवध पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने मुंबई में जानवरों को अवैध रूप से इधर से उधर ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. कोर्ट ने कहा कि हर एंट्री पॉइंट्स को चेक किया जाए और आरटीओ इसे लेकर वर्कशॉप आयोजित करें. बकरीद का त्योहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा.

कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी परमिट से परे नहीं है. बंबई हाई कोर्ट ने यह भी जांचने को कहा है कि कितने लोगों के पास गैरकानूनी परमिट और लाइसेंस हैं. इसके अलावा बकरीद पर पशुवध फ्लैट्स के अंदर नहीं किया जाएगा. साथ ही सोसाइटीज के एक किलोमीटर के दायरे में भी जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जाएगी.

पशुवध सिर्फ तयशुदा जगहों पर किया जाएगा, जहां पूरी तरह साफ-सफाई बरती जाएगी. मुंबई महानगर पालिका ने बकरीद को लेकर 7 हजार परमिट्स जारी किए थे. कोर्ट के आदेश के बाद ये परमिट्स अब अवैध हो गए हैं. बकरीद की कुर्बानी अब सिर्फ अधिकृत बूचड़खाने और या लाइसेंस प्राप्त गैर-शाकाहारी बाजारों में की दी जाएगी.

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इस मामले में जीव मैत्री ट्रस्ट और अन्य याचिकाकर्ताओं की अर्जी पर बंबई हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मुंबई महानगरपालिका ने त्योहार के मौके पर पशुवध की मंजूरी दे दी है, जो पर्यावरण और पशु कल्याण कानून का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि कई बीमार जानवरों को शहर में लाया जा रहा है, जिनसे बीमारियां फैल सकती हैं. इसके अलावा चॉल में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं, जिनकी अपनी मान्यताएं हैं. लेकिन इस बात से सहमत हैं कि अनुपालन आसान नहीं है और सरकार को और अधिक सुविधाएं बनानी होंगी.

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