आम आदमी पार्टी का उत्साह नागपुर में ऑटो चालकों के लिए सिरदर्द बन गया है. दरअसल, ऑटो रिक्शा के पीछे अरविंद केजरीवाल के पोस्टर चिपकाना 'महाराष्ट्र मोटर वाहन कानून 1989' का उल्लंघन है और इस वजह से आरटीओ ने ऐसे सभी ऑटो चालकों के खिलाफ दंडात्मक कारवाई कर जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया है.
आरटीओ की ओर से ऑटो चालकों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है. यही नहीं, उम्मीद है आरटीओ आने वाले दिनों में कानूनी कार्रवाई करते हुए चालकों पर 4 से 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकती है. मोटर वाहन कानून के कॉलम 134 के तहत किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्हीकल पर प्रचारात्मक पोस्टर चिपकाना जुर्म माना गया है. कानून के मुताबिक यदि कोई ऑटो चालक ऐसा करता है तो उसे PDAA फॉर्म भरकर हर साल प्रति ऑटो 500 रुपये शुल्क आरटीओ के पास जमा कराना होगा.
वहीं, आरटीओ की अनुमति के बाद एक साल तक ऐसे प्रचारात्मक पोस्टर चिपकाए जा सकते हैं. ऑटो से इतर कार और जीप के लिए यह शुल्क एक हजार रुपये है, जबकि ट्रक और बस के लिए यह दो हजार रुपये प्रति वाहन प्रति वर्ष है.
खास बात यह कि आरटीओ कार्यालय से एक भी ऑटो के लिए अनुमति पत्र जारी ना होने के बावजूद इन दिनों शहर में करीब एक से देढ़ हजार ऑटो रिक्शा पर अरविंद केजरीवाल के पोस्टर नजर आ रहे हैं.
नहीं है कानून का उल्लंघन: आप
दूसरी ओर इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी की नागपुर शाखा का दावा है कि सभी ऑटो पर पोस्टर लगाते वक्त उन्होंने ऑटो चालकों को पार्टी का सदस्य बनाया है और पोस्टर्स लगाने से पहले उनसे अनुमति भी ली है. ऐसे में अगर पार्टी के सदस्य ऐसे प्रचारात्मक पोस्टर ऑटो पर लगा कर घूम रहे हैं तो वह कानून का उल्लंघन नहीं है.
हालांकि पार्टी ने ऑटो चालको के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए माफी मांग ली है. आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य प्राजक्ता अतुल कहते हैं कि उनकी पार्टी आरटीओ की कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी.
उधर, पार्टी के दावों से इतर नागपुर के बहुत से ऑटो चालक ऐसे हैं जो 'आप' के सदस्य नहीं हैं. चालकों का आरोप है कि उनसे ऑटो पर पोस्टर चिपकाने से पहले कोई अनुमति भी नहीं ली गई है.