भोपाल कोर्ट ने नौकरानी तिज्जी बाई की आत्महत्या के मामले में बीजेपी विधायक आशा रानी और उनके पति व पूर्व विधायक भैया राजा को 10-10 साल की सजा सुनाई है, साथ ही 25-25 हजार के जुर्माने का भी ऐलान किया.
आशा रानी और भैया राजा समेत छह आरोपी थे. आशा रानी बड़ा मलहरा से विधायक हैं. 2007 में भोपाल के कोलार इलाके में भैया राजा के घर की छत पर तिज्जी बाई की अध-जली लाश मिली थी. भैया राजा पहले से ही जेल में हैं. उनके ऊपर अपनी ही नातिन वसुंधरा की हत्या का आरोप है.
सरकारी वकील राजेश रायकवार के मुताबिक, 'भोपाल कोर्ट ने आशा रानी, भैया राजा और सभी अभियुक्तों को 10-10 साल की सजा सुनाई है और 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है. धारा 306 में 367 में इन्हें दोषी पाया गया.'
गौरतलब है कि भैया राजा और आशा रानी की छत पर तिज्जी बाई की लाश मिली थी. तिज्जी बाई ने इन दोनों से परेशान होकर खुद को आग लगा ली थी. 6 साल बाद इस मामले में फैसला आया है.