इश्क अंधा होता है.... ये लाइन आपने कई बार देखी और पढ़ी होगी. लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ये पंक्तियां उस वक्त सच होती दिखी, जब बेंगलुरु की एक नाबालिग युवती एक ऐसे लड़के से मिलने कई सौ किलोमीटर दूर भोपाल आ गयी, जिसको वो ठीक से जानती भी नहीं.
ये हैरान कर देने वाला मामला 26 अगस्त का बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार मामले का खुलासा भोपाल के आईएसबीटी में संदिग्ध अवस्था में घुमती एक युवती से पूछताछ से हुई. जब आईएसबीटी स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस युवती को अपने साथ थाने लायी. जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. मामले को सुनकर पुलिस भी एक बार चकरा गई.
पुलिस ने मामले की गम्भीरता और लड़की की नाबालिग उम्र देखकर बाल कल्याण समिति से सम्पर्क साधा गया. बाल कल्याण समिति के सदस्य राजीव जैन ने 'आजतक' से बात करते हुए बताया कि लड़की ने पूछताछ में बताया कि वो बेंगलुरु से भोपाल अपने फेसबुक बॉयफ्रेंड से मिलने और उसका कैरेक्टर टेस्ट लेने आई थी.
पुलिस को लड़की ने बताया कि उसकी फेसबुक पर भोपाल में रह रहे एक नाबालिग लड़के से पहले दोस्ती हुई फिर चैट करते-करते वो उसे पसंद करने लगी और बिना उसे बताए बेंगलुरु से फ्लाइट पकड़कर भोपाल उसके घर आ गई ताकि ये पता लगा सके कि उसका चरित्र कैसा है. लेकिन बॉयफ्रेंड से मिलने के बाद दोनों के बीच झगड़ा हो गया. लड़के ने लड़की के लिए होटल भी बुक करवा दिया लेकिन उसके साथ नहीं गया. इससे नाराज होकर युवती आईएसबीटी आ गयी और यहां-वहां घूमने लगी. बस यहीं से लोगों ने उसकी जानकारी पुलिस को दी.
लड़की के पिता से की बात
बाल कल्याण समिति के सदस्य राजीव जैन के मुताबिक उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए लड़की के पिता से फोन पर बात की और उन्हें भोपाल बुला लिया. लड़की के पिता ने बताया कि वो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और कई साल पहले बेंगलुरु आ कर बस गए थे. लड़की के पिता का बेंगलुरु में पान का व्यवसाय है और उन्होंने बताया कि कमाई का ज्यादातर हिस्सा वो अपने बच्चों के रहन-सहन और उनकी पढ़ाई पर खर्च करते हैं.
लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी नाबालिग जरूर है लेकिन बेहद तेज है. उसके शौक उन्हें नापसंद हैं. पिता के मुताबिक उनकी बेटी हाई क्लास सोसाइटी में रहना और पार्टी करना पसंद करती है. डिस्कोथेक और पब जाती है जो उन्हें पसंद नहीं है. पिता ने बताया कि जब लड़की को ये सब करने से मना किया जाता है तो वो घर में झगड़ा करने लगती है.
लड़की के पिता ने बाल कल्याण समिति को बताया कि लड़की की लाइफस्टाइल उनके परिवार के रहन-सहन से बहुत ऊंची है. वहीं उसके शौक भी रईसों वाले है. लड़की धाराप्रवाह अंग्रेजी भी बोलती है. बाल कल्याण समिति ने सोमवार को लड़की की काउंसलिंग की और उसे बेंगलुरु से आए पिता को सौंप दिया. जिसके बाद पिता अपनी बेटी को लेकर ट्रेन से बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए.