scorecardresearch
 

रांचीः मौसम ने बदली करवट, बारिश के साथ ओलावृष्टि

आसमान में घने और काले बादल डेरा जमाए हुए थे. ओलावृष्टि हो रही थी. रांची का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. 14 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं. वैसे मौसम में अचानक आए इस तब्दीली से लोग खुश दिखे.

Advertisement
X
रांची में मौसम का बदला मिजाज
रांची में मौसम का बदला मिजाज

देश के कई हिस्सों में चढ़ते पारे के बीच झारंखड में मौसम ने करवट बदल ली. रांची में आज ऐसा ही हुआ. दोपहर 3 बजे मौसम ने करवट बदली और दोपहर में ही रात का नज़ारा दिखने लगा. मौसम ने अचानक करवट ली और चारों ओर अंधेरा छाने लगा और हवाएं तेज चल रही थीं.

आसमान में घने और काले बादल डेरा जमाए हुए थे. हो रही थी. रांची का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है. 14 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं. वैसे मौसम में अचानक आए इस तब्दीली से लोग खुश दिखे.

 मौसम विभाग ने रविवार को कहा कि झारखंड के कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. साथ ही ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है.  

Advertisement

ने जारी अलर्ट में कहा कि झारखंड के कई जिलों में तेज हवा बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं. राज्य के लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला, रांची, खूंटी, हजारीबाग, रामगढ़, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. हालांकि मौसम विभाग का यह भी कहना है कि मौसम की स्थिति में सोमवार दोपहर के बाद ही सुधार की गुंजाइश दिख रही है.

उधर दक्षिण के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में रविवार को दोपहर बाद तेज बारिश हुई. हालांकि हैदराबाद के समीप के इलाके में शनिवार को भी ओलोवृष्टि के साथ बारिश हुई थी. 

वहीं पहाड़ों में भी मौसम ने एकदम से पलटी मारते हुए अपना रुख बदल दिया है.  उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिस्सों में पारा एकदम से बढ़ना शुरू हो गया था, लेकिन 29 मार्च को मौसम में अचानक हुए बदलाव से बद्रीनाथ और गंगोत्री में बर्फबारी हुई. 

इसके पहले मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों में पहाड़ के तापमान में आठ से दस डिग्री उछाल आने की चेतावनी जारी की थी. मौसम विभाग ने वन विभाग को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि एकाएक तापमान बढ़ने से जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं जिसके लिए पहले से ही तैयारी करने की जरूरत है.

Advertisement

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement