दलबदल मामले को लेकर दायर विधायक बाबूलाल मरांडी की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में आज सुनवाई है. झारखंड की सियासत में असर डालने वाले इस मामले में अब सबकी नजर अब हाई कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हुई है.
इधर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जवाब तैयार कर लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि स्वतः संज्ञान वाले नोटिस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होगी. वहीं बाबूलाल मरांडी के वकील का कहना है कि मामले पर सुनवाई पूरी हो ताकि फिर भविष्य में कभी स्वतः संज्ञान से नोटिस जारी नहीं किया जा सके.
झारखंड हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट आरएन सहाय ने बताया कि पूर्व में सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से याचिका को निष्पादित करने का आग्रह किया गया था. वहीं याचिकाकर्ता बाबूलाल मरांडी की ओर से याचिका पर सुनवाई का आग्रह किया गया था. आज इस बिंदु पर सुनवाई होनी है कि मामले पर सुनवाई चले या याचिका खत्म की जाए.
झारखंड हाई कोर्ट में चल रहे रहे दलबदल मामले में विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव ने हस्तक्षेप याचिका दायर की है. उन्होंने अदालत से यह मांग की है कि वह भी इस मामले में अपना पक्ष रखना चाहते हैं. दोनों विधायकों ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई है कि उन्हें भी अपना पक्ष रखने की इजाजत दी जाए. कोर्ट अगर दोनों विधोयकों को अपना पक्ष रखे की अनुमति देता है तो मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई हो सकती है.
दलबदल मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को विधानसभा अध्यक्ष ने जो नोटिस जारी किया था उसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है. इसी मामले में ही विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव ने भी अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी है. दोनों विधायकों का कहना है कि वह भी इस मामले का अहम हिस्सा हैं इसलिए उनका पक्ष सुना जाना उचित होगा.
बता दें कि झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, बंधु तिर्की और प्रदीप यादव चुनाव जीतकर झारखंड विधानसभा पहुंचे थे. इसके बाद बंधु तिर्की और प्रदीप यादव कांग्रेस में शामिल हो गए. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बीजेपी में शामिल हो गए. बाबूलाल मरांडी के बीजेपी में शामिल होने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें दलबदल मामले में नोटिस जारी किया है. इसी मामले पर सुनवाई चल रही है.