झारखंड में मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार ने 21 सितंबर को अपने कार्यकाल के 1000 दिन पूरे कर लिए हैं. अब सरकार इन 1000 दिनों में विकास के संदर्भ में लिए गए फैसलों और उसके क्रियान्वयन के बारे में लोगो को बता रही है. इसके लिए सत्ता पक्ष का हर मंत्री, विधायक और सरकार के अधीन कार्यरत कार्यालय प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी उपलब्धियों के बारे में जनता को बता रहे हैं.
इस संबंध में अमित शाह समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री झारखंड का दौरा कर चुके हैं. इस दौरान करोडों की लागत वाली कई नई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई. इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दुमका का दौरा किया, जहां उन्होंने 3000 करोड़ की विकास योजनाओं की शुरुआत की. साथ ही उन्होंने प्रदेश में बनने वाले राज्य के सबसे बड़े पूल का भी शिलान्यास किया.
दरअसल राज्य सरकार इन कार्यक्रमों के जरिए जनता को यह बताने की कोशिश कर रही है कि झारखंड विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और प्रदेश में अमन चैन और कानून का राज है.
विपक्ष ने बताया भ्रष्टाचारी सरकार
वहीं राज्य के सभी विपक्षी दलों ने वर्तमान सरकार को अबतक की सबसे खराब गवर्नेंस वाली सरकार बताया. विपक्ष के मुताबिक यह सरकार पूंजीपतियों के हाथ में खेल रही है. मुख्य विपक्षी दल जेएमएम ने राज्य की सता पर आसिन रघुवर दास के 1000 दिन पूरे होने पर सरकार को घेरते हुए कई सवाल दागे हैं. जेएमएम ने कहा कि एक तरफ रघुवर दास अपने 1000 दिन पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, वहीं राज्य की जनता दास की नीतियों से उदास है.
जेएमएम ने तीखे हमले करते हुए कहा कि राज्य में ऐसा पहली बार हुआ जब जनता ने किसी गठबंधन को पूर्ण बहुमत दिया, लेकिन बदले में जनता को क्या मिला. रघुवर दास के मंत्रिमंडल में आज भी एक स्थान रिक्त है इसका मतलब क्या समझा जाये. सोरेन ने कहा कि जेवीएम के चुनाव चिन्ह पर लड़ने वाले छ विधायकों को बीजेपी में शामिल कर लिया गया.
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि विकास तो बहुत दूर की बात है. वर्तमान सरकार सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी और सरकारी धन का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित करने में लगी है. जनता इसे समझ चुकी है और राज्य की जनता अब रघुवर सरकार से अपने सवालों के जवाब चाहती है.