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डायन, टोना टोटका, और मर्डर... शक में पड़ोसी ने बुजुर्ग महिला को कुल्हाड़ी से काटा

झारखंड के सिमडेगा जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है. टोना-टोटका करने के शक में एक बुजुर्ग महिला की उसके ही पड़ोसी ने कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है. घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है.  

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टोना टोटका के शक में पड़ोसी ने बुजुर्ग महिला को कुल्हाड़ी से काटा (Photo: representational image)
टोना टोटका के शक में पड़ोसी ने बुजुर्ग महिला को कुल्हाड़ी से काटा (Photo: representational image)

झारखंड के सिमडेगा जिले में अंधविश्वास की एक और खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जहां टोना-टोटका करने के संदेह में एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई. यह सनसनीखेज वारदात जिले के ओरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत सरुबहार गांव की है. मृतका की पहचान 73 वर्षीय प्रेमदानी कंडुलना के रूप में हुई है.

पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार को उस समय हुई जब आरोपी पड़ोसी ने महिला पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल अवस्था में महिला की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

ओरगा थाना प्रभारी साजल धाम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को महिला पर टोना-टोटका और जादू-टोना करने का शक था. इसी अंधविश्वास के चलते उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी और मृतका के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं. ग्रामीणों से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी पृष्ठभूमि को समझने की कोशिश की जा रही है.घटना के बाद सरुबहार गांव में भय और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि आज के आधुनिक दौर में भी इस तरह के अंधविश्वास के कारण किसी की जान जाना बेहद दुखद और शर्मनाक है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अंधविश्वास जैसी कुरीतियों को खत्म किया जा सके. गौरतलब है कि झारखंड के कई आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में अब भी डायन-बिसाही और टोना-टोटका को लेकर हिंसक घटनाएं सामने आती रहती हैं. 
 
  
 

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