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झारखंड उपचुनाव: दुमका-बेरमो में अक्टूबर-नवंबर के बीच हो सकता है मतदान

2019 के विधानसभा चुनाव में दुमका सीट पर हेमंत सोरेन और डॉ. लुईस मरांडी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था. डॉ. लुईस मरांडी रघुवर सरकार में मंत्री रही हैं.

उपचुनाव की जल्द होगी घोषणा (सांकेतिक फोटो) उपचुनाव की जल्द होगी घोषणा (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • झारखंड में उपचुनाव के तारीखों की घोषणा जल्द
  • 26 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच हो सकती है वोटिंग
  • दुमका और बेरमो विधानसभा सीट पर होगा उपचुनाव

चुनाव आयोग ने झारखंड में जल्द ही उपचुनाव की तारीख जारी करने के संकेत दिए हैं. राज्य विधानसभा की दो खाली सीटों दुमका और बेरमो उपचुनाव के मतदान 26 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच कराने की तैयारी की जा रही है. चुनाव आयोग के अनुसार अगले सप्ताह कभी भी उपचुनाव के तारीखों की घोषणा हो सकती है. यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका सीट खाली किया है.

2019 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर हेमंत सोरेन और डॉ. लुईस मरांडी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था. डॉ. लुईस मरांडी रघुवर सरकार में मंत्री रही हैं.

हेमंत सोरेन ने इस सीट पर 13 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी. हालांकि हेमंत सोरेन दुमका के मुकाबले बरहेट सीट अधिक वोटों के अंतर से जीते, इसलिए उसी सीट को अपने पास रखा.

ऐसे में दुमका सीट, झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए एक बार फिर से प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. क्योंकि प्रदेश में हेमंत सोरेन की सरकार है और 2019 के चुनाव में झामुमो अपनी खोयी हुई सीट वापस पाने में सफल रही थी.

वहीं बेरमो विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह के निधन के बाद खाली हुई है. यानी कि दुमका और बेरमो, दोनों विधानसभा सीट सत्ताधारी झामुमो गठबंधन के पास थी.

वहीं बीजेपी के लिए उपचुनाव में खोने के लिए कुछ भी नहीं है. लेकिन अगर उपचुनाव में बीजेपी एक भी सीट जीतने में कामयाब रहती है. तो इस जीत से उनका मनोबल बढ़ेगा.    

 

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