scorecardresearch
 

धनबाद: धनुष-लाठी-भाला लेकर प्रदर्शन, प्रशासन के खिलाफ आदिवासियों ने बजाया बिगुल, जानें क्यों?

ये विरोध प्रदर्शन उसी मांग को लेकर है जो 2015 से लगातार उठाई जा रही है. आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि बीसीसीएल आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने उनकी जमीन पर कई आवास का निर्माण किया है, लेकिन उसके बदले किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया.

Advertisement
X
धनुष-लाठी-भाला लेकर आदिवासियों का प्रदर्शन
धनुष-लाठी-भाला लेकर आदिवासियों का प्रदर्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आदिवासियों का जोरदार विरोध
  • लाठी-भाले के साथ प्रदर्शन

झारखंड में आदिवासियों को एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है और उनका वोट हर पार्टी के लिए हमेशा से निर्णायक रहा है. लेकिन समय-समय पर यहीं आदिवासी राज्य सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं, उन्हें आईना दिखाते हैं. ताजा मामला धनबाद का है जहां पर एक बार फिर दरिदा पंचायत सिदवारटांड़ की आदिवासी रैयत महिला मानो देवी ने अपने साथियों के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. 

आदिवासियों का जोरदार विरोध प्रदर्शन

ये विरोध प्रदर्शन उसी मांग को लेकर है जो 2015 से लगातार उठाई जा रही है. आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि बीसीसीएल आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने उनकी जमीन पर कई आवास का निर्माण किया है, लेकिन उसके बदले किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया. ये मामला लंबे समय से बीसीसीएल और आदिवासियों के बीच टकराव का मुद्दा बना हुआ है.

एक बार फिर इसी मुद्दे पर दोनों आमने-सामने हैं. लेकिन ये प्रदर्शन ज्यादा हिंसक साबित हुआ है जहां पर पारंपरिक हथियार तीर धनुष,लाठी,भाला के साथ विरोध जताया गया है. बताया तो ये भी गया है कि कंपनी के कर्मचारियों संग मारपीट हुई है.

क्लिक करें- कोरोना: झारखंड में कुछ रियायतों के साथ एक हफ्ते के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन 

लाठी-भाले के साथ प्रदर्शन

लेकिन आदिवासियों की तरफ से साफ कर दिया गया है कि वे आर-पार की लड़ाई करने जा रहे हैं. वे किसी भी हालत में अपनी जमीन को मुक्त करवाना चाहते हैं. इस बार उनकी तरफ से बीसीसीएल आउटसोर्सिंग प्रबंधन का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया है और उसके बाहर ही जोरदार प्रदर्शन को अंजाम दिया जा रहा है.

Advertisement

वैसे इस प्रदर्शन को शांत करने की प्रशासन द्वारा पूरी कोशिश की गई. सूचना पर बाघमारा डीएसपी निशा मुर्मू,बरोरा थाना प्रभारी बन्धन तिर्की, बाघमारा थाना प्रभारी सूबेदार यादव, एसआई उपेंद्र यादव, शरत कुमार, नीरज कुमार सहित अतरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचे भी और आदिवासियों को समझाने का प्रयास भी हुआ. उनकी तरफ से कहा गया कि आदिवासी अपने पारंपारिक हथियारों को छोड़ दें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और प्रदर्शन को लगातार जारी रखा गया.

आदिवासियों ने राज्य के सीएम हेमंत सोरेन पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि सीएम जरूर आदिवासी समाज से हैं, लेकिन इस समाज के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है. उनकी मांगों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है.

Advertisement
Advertisement