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'कलमा पढ़ना आता तो शायद वो बच जाता', देखें पहलगाम हमले के चश्मदीदों की आपबीती

'कलमा पढ़ना आता तो शायद वो बच जाता', देखें पहलगाम हमले के चश्मदीदों की आपबीती

पहलगाम हमले के चश्मदीदों ने बताया कि आतंकियों ने लोगों को रोककर उनका धर्म पूछा और जो कलमा नहीं पढ़ पाए या हिंदू थे, उन्हें गोली मार दी. एक चश्मदीद के अनुसार, "आतंकियों ने बोला कि मुसलमान अलग हो जाओ और हिंदू अलग हो जाओ."

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