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भारतीय सुरक्षा बलों का खौफ, सरहद पार लॉन्च पैड्स से भागे आतंकी, सिर्फ 108 बचे  

भारतीय खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना और बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने जिस बड़े पैमाने पर आतंकियों के खिलाफ पिछले महीनों में ऑपरेशन छेड़ा, उससे पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की नींद उड़ी हुई है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि आतंकियों में भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई का इतना खौफ है कि वो लॉन्च पैड्स का नाम सुनने से भी दूर भाग रहे हैं.   

भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से घुसपैठियों और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई. (सांकेतिक तस्वीर) भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से घुसपैठियों और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई. (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में खुलासा
  • ISI  के पास घुसपैठ कराने के लिए आतंकियों का टोटा  
  • पिछले साल जनवरी में सरहद पार लॉन्च पैड्स पर 450 आतंकी मौजूद थे 

भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से घुसपैठियों और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए जाने का असर लाइन ऑफ कंट्रोल के पार भी दिखने लगा है. आतंकवादियों में भारतीय सुरक्षा बलों का इतना खौफ है कि वे भारत में घुसपैठ के लिए लॉन्च पैड्स पर आने से कतराने लगे हैं. ऐसे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए आतंकवादियों को घुसपैठ के लिए भेजना मुश्किल हो रहा है.  

सुरक्षाबलों की एक रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि सरहद के पार लांच पैड्स पर नए साल में आतंकियों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है. सूत्रों के मुताबिक लॉन्च पैड्स पर सिर्फ 108 आतंकी जनवरी के महीने में देखे गए है. जम्मू बॉर्डर के सामने उस तरफ 103 और कश्मीर घाटी के सक्रिय लॉन्च पैड पर सिर्फ 5 आतंकी मौजूद हैं.  

भारतीय सुरक्षा बलों के ऑपरेशन का खौफ  

भारतीय खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना और बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने जिस बड़े पैमाने पर आतंकियों के खिलाफ पिछले महीनों में ऑपरेशन छेड़ा, उससे पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की नींद उड़ी हुई है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि आतंकियों में भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई का इतना खौफ है कि वो लॉन्च पैड्स का नाम सुनने से भी दूर भाग रहे हैं.   

किस लॉन्च पैड पर कितने आतंकी मौजूद

आजतक के पास जो एक्सक्लूसिव जानकारी मौजूद है, उसके मुताबिक कश्मीर घाटी में तंगधार सेक्टर के सामने लश्कर और जैश के सिर्फ 5 आतंकवादी ही मौजूद हैं. इन्हें "लुम्बिरान" लॉन्च पैड पर इकट्ठा किया गया है लेकिन ये वहां से भी भागने की फिराक में हैं.  

कश्मीर घाटी की तुलना में जम्मू सेक्टर में सरहद पार आतंकवादियों का अधिक जमावड़ा है. जम्मू सेक्टर में पुंछ, कृष्णा घाटी, बिम्बर गली, नौशेरा, सुंदरबनी हीरानगर, अखनूर और अरनिया सेक्टर के सामने स्थित लॉन्च पैड्स पर ये आतंकी इकट्ठा है. रक्षा जानकार मानते हैं कि कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों ने जिस तरीके से आतंकियों की कमर तोड़ी है, ऐसे में सरहद पार से आतंकी जम्मू के रास्ते से घुसपैठ की फिराक में हैं. हालांकि यहां भी आतंकियों की संख्या कम बताई जा रही है. जो चार्ट मौजूद है उसके मुताबिक पुंछ सेक्टर के सामने मौजूद 5 लॉन्च पैड्स पर जनवरी के महीने में सिर्फ 21 आतंकी मौजूद थे, वही पिछले साल दिसंबर के महीने में इसी जगह लॉन्च पैड पर 29 आतंकवादी मौजूद थे. अगर पिछले साल जनवरी की बात की जाए तो यहां 71 आतंकवादियों का भारी जमावड़ा था. 

इसी तरह बिम्बर गली सेक्टर (BG सेक्टर) के सामने मौजूद 4 लॉन्च पैड्स पर पिछले साल जनवरी 2020 में 177 आतंकवादी मौजूद थे. जनवरी 2021 में इन चार लॉन्च पैड्स पर सिर्फ 30 आतंकी ही बचे हैं. ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक कुल मिलाकर बात की जाए तो इस साल जनवरी-फरवरी में सरहद पार 108 आतंकवादियों का मूवमेंट नोटिस किया गया है. पिछले साल जनवरी के महीने में इन लॉन्च पैड्स पर 450 से ज्यादा आतंकवादियों का मूवमेंट देखा गया था.  

FATF की पाकिस्तान को फटकार का असर

जानकारों का ये भी कहना है कि इंटरनेशनल टेरर वॉच ग्रुप ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (FATF) में जिस तरह पाकिस्तान को बड़ी फटकार लगी है और उसे अभी भी ग्रे लिस्ट में रखा गया है, उस घटनाक्रम से भी पाकिस्तान के हौसले पस्त हैं.   

पाकिस्तान को FATF भले ही ग्रे लिस्ट में रखकर उस पर नकेल कस रहा हो, पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान से पेश आने वाले खतरे को कम करके नहीं आंका जा सकता. 30 लॉन्च पैड पर उसने 108 आतंकवादियों को अब भी इकट्ठा कर रखा है.

सूत्र बताते हैं कि जनवरी-फरवरी में लॉन्च पैड्स पर आतंकवादियों की संख्या कम देखी गई, इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि फरवरी के महीने में FATF की मीटिंग होनी थी. हालांकि पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को लेकर अपना अलग चेहरा दिखाने की कोशिश कामयाब नहीं हुईं और FATF का उसके खिलाफ सख्त रुख बना रहा.  

मार्च-अप्रैल में फिर बढ़ सकती हैं घुसपैठ की कोशिशें  

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां को आशंका है कि मार्च-अप्रैल में जब बर्फबारी के बाद पहाड़ी रास्ते खुल जाएंगे और बर्फ पिघल जाएगी तो पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवादियों की भारी घुसपैठ की कोशिश कर सकता है. हालांकि पाकिस्तान के साथ सीजफायर का समझौता जरूर हुआ है पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं ले रही हैं. किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए वे 24 घंटे अलर्ट पर है. इसकी एक वजह ये भी है कि पाकिस्तान की कथनी और करनी का फर्क अतीत में बार बार दिखता रहा है. 

क्या कहते हैं रक्षा जानकार

रक्षा मामलों के जानकार मेजर जनरल (रिटायर्ड) पीके सहगल ने इस विषय पर आजतक से कहा, ‘FATF की मीटिंग में जिस तरीके से पाकिस्तान अपने आपको दिखाना चाहता था उस मकसद में उसको मात मिली है. साथ ही पाकिस्तान का सबसे बड़ा सहयोगी चीन भी जिस तरीके से बॉर्डर से हटा है ऐसे में पाकिस्तान भारत के सामने कहीं टिक नहीं सकता. यही वजह है कि पाकिस्तान लॉन्च पैड्स पर आतंकियों की संख्या घटाने की जुगत में लगा है. हालांकि सीजफायर के बावजूद सुरक्षाबलों को चौकन्ना रहना पड़ेगा. पाकिस्तान कभी भी दगाबाजी कर सकता है. लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां जिस तरह तैयार हैं, ऐसे में पाकिस्तान कोई हिमाकत नहीं कर सकता है. बालाकोट की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को यह मालूम है कि भारत अब अपनी सीमा के अंदर रहते हुए भी पाकिस्तान पर कार्रवाई कर सकता है.” 

 

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