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'पिता के लिए आदर नहीं, PAK के लिए वफादारी दिखाई', गिलानी के बेटों पर J-K पुलिस ने साधा निशाना

जम्मू कश्मीर पुलिस ने सैयद अली शाह गिलानी की अंतिम यात्रा और दफनाने की तस्वीरें जारी की. दरअसल, गिलानी के परिवार ने आरोप लगाया था कि गिलानी का शव परिवार से जबरन छीन कर पुलिस ने पास के ही एक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया था.

जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया था जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया था
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गिलानी के बेटों पर J-K पुलिस ने साधा निशाना
  • पुलिस पर आरोप था कि उन्होंने जबरन गिलानी का अंतिम संस्कार किया

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन (Syed Ali Shah Geelani Death) के बाद जम्मू कश्मीर की पुलिस पर कुछ आरोप लगे हैं, जिनपर अब सफाई भी आ गई है. गिलानी के बेटों द्वारा आरोप लगाया गया था कि उनके पिता का पुलिस ने जबरन अंतिम संस्कार किया, जिसपर पुलिस ने अंतिम यात्रा और दफनाने की तस्वीरें जारी की हैं. साथ ही साथ गिलानी के बेटों पर निशाना साधते हुए कहा है कि कब्रिस्तान में ना आकर परिवार ने पाकिस्तान के एजेंडे के प्रति अपनी 'वफादारी' दिखाई.

सोमवार शाम को जम्मू कश्मीर पुलिस ने सैयद अली शाह गिलानी की अंतिम यात्रा और दफनाने की तस्वीरें जारी की. दरअसल, गिलानी के परिवार ने आरोप लगाया था कि गिलानी का शव परिवार से जबरन छीन कर पुलिस ने पास के ही एक कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया था. पुलिस का कहना है सभी रीति-रिवाजों के तहत स्थानीय धार्मिक कमेटी की देखरेख में सैयद अली शाह गिलानी को सुपुर्द ए खाक किया गया था.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिलानी के बेटों पर निशाना साधा

जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से बयान में कहा गया, 'गिलानी के निधन के बाद IGP कश्मीर विजय कुमार SP और ASP के साथ उनके बेटों से मिले थे. तब रात के 11 बजे थे. दोनों से गुजारिश की गई कि लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए रात में ही अंतिम संस्कार कर देना चाहिए.' कश्मीर पुलिस के मुताबिक, उस वक्त गिलानी के दोनों बेटे राजी हो गए थे. कहा गया था कि दो घंटे रुक जाएं, तबतक रिश्तेदार आ जाएंगे. कुछ रिश्तेदारों से पुलिस ने भी बात की और उन्हें गिलानी के घर तक आने की सुविधा मुहैया करवाई. 

पुलिस के मुताबिक, फिर तीन घंटे बाद भी अंतिम संस्कार की तैयारी नहीं की गई और इस बीच शरारती तत्व एक्टिव हो गए. पुलिस का आरोप है कि इस बीच गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए. 

पुलिस ने बयान में आगे कहा, 'इस बीच पड़ोसियों के समझाने पर रिश्तेदार गिलानी के शव को घर से बाहर लाए और उसे कब्रिस्तान तक पहुंचाया. कब्रिस्तान में रिश्तेदारों, इंतिज़ामिया समिति के सदस्य और स्थानीय इमाम की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया. दोनों बेटों ने कब्रिस्तान में आने से मना कर दिया. ऐसा करके उन्होंने पिता के जाने पर उनके प्रति प्यार और आदर नहीं दिखाया बल्कि पाकिस्तानी एजेंडे के प्रति अपनी वफादारी दिखाई.'

श्रीनगर और बड़गांव में 5 दिन से इंटरनेट सेवा बंद

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत के बाद आज मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी श्रीनगर और बड़गांव में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गई है. पुलिस इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने बताया है कि मंगलवार शाम तक हालात की समीक्षा के बाद श्रीनगर और बड़गांव में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुरू की जा सकती है. इससे पहले सोमवार शाम को श्रीनगर और बड़गांव को छोड़कर पूरे कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई थीं. इसके साथ ही अधिकतर इलाकों से पाबंदियां भी हटा ली गई हैं.

दरअसल, सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि गिलानी के निधन के चौथे दिन (चहारूम) पर भीड़ उमड़ सकती है. इससे पहले खबरें थीं कि गिलानी के समर्थक उनका शव श्रीनगर के शहीदी कब्रिस्तान ईदगाह में दफनाने की तैयारियों में जुटे हैं. ऐसे में सुरक्षाबलों ने चौकसी बढ़ा दी थी.

 

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