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J-K: 'आनंद मैरिज एक्ट' लागू नहीं होने पर सिखों में नाराजगी, BJP नेता बोले- धोखा हुआ

अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए वरिंदरजीत सिंह ने सादिकी को बताया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के तुरंत बाद, यह आश्वासन दिया गया था कि जम्मू और कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना के अलावा 'आनंद मैरिज एक्ट' को लागू किया जाएगा.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • '370 के खात्मे के बाद दिया आश्वासन, लेकिन लागू नहीं हुआ'
  • केंद्र सरकार वादे को पूरा करने में नाकाम रहीः बीजेपी नेता
  • बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी से मिला दल

जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार द्वारा 'आनंद मैरिज एक्ट' अब तक लागू नहीं करने को लेकर सिख समुदाय में खासी नाराजगी दिख रही है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता एस वरिंदरजीत सिंह ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश में केंद्र सरकार 'आनंद मैरिज एक्ट' लागू करने के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है जिससे सिख समुदाय निराश है और उन्हें लग रहा है कि उनके साथ धोखा हुआ है.

बीजेपी की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि वरिंदरजीत सिंह ने बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी जमाल सादिकी के साथ अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान इस मामले पर चर्चा की. 

अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए वरिंदरजीत सिंह ने सादिकी को बताया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के तुरंत बाद, यह आश्वासन दिया गया था कि जम्मू और कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना के अलावा 'आनंद मैरिज एक्ट' को लागू किया जाएगा.

'ठगा हुआ महसूस कर समुदाय'

वरिंदरजीत सिंह के हवाले से बयान में कहा गया, 'केंद्र सरकार के इस आश्वासन का व्यापक रूप से प्रचार किया गया लेकिन दुर्भाग्य से इस संबंध में अब तक कुछ भी नहीं किया गया है, जिसके लिए (सिख) समुदाय खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है.'

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उन्होंने यह भी कहा कि विशेष रूप से सिखों को सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप समुदाय में नाराजगी है. बयान में यह भी कहा गया है कि उन्होंने सिख समुदाय के कल्याण और आर्थिक उत्थान से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी उठाए.

वरिंदरजीत सिंह ने पेशेवर और तकनीकी पाठ्यक्रमों तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मामलों में गैर-प्रवासी कश्मीरी सिखों के साथ भेदभाव पर गंभीर चिंता और नाराजगी व्यक्त की. सादिकी ने सिख समुदाय से जुड़े बीजेपी नेताओं की बात सुनी और राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष इन मुद्दों को रखने का आश्वासन दिया. साथ ही सादिकी ने अपनी शिकायतों के साथ दिल्ली आने तथा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दूसरे अन्य नेताओं से मिलने का निमंत्रण भी दिया.
 

 

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