हंदवाड़ा छेड़छाड़ मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना का बचाव किया है. राजनाथ ने कहा कि सेना पर लग रहे आरोप बेबुनियाद हैं. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
गृह मंत्री ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की है और केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकार को हर संभव मदद दी जा रही है.
Spoke to J&K CM Mehbooba Mufti ji regarding the situation in the state. The Centre is providing all possible assistance to the state govt.
— Rajnath Singh (@BJPRajnathSingh)
जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में कुछ दिनों पहले जिस स्कूली छात्रा से कथित तौर पर छेड़छाड़ के बाद राज्य में जबरदस्त अशांति का माहौल है, उसके परिजनों का कहना है कि लड़की पर दबाव बनाकर उसका वह बयान लिया गया था, जिसमें उसने छेड़छाड़ के लिए सुरक्षाबलों को जिम्मेदार नहीं ठहराया था. पीड़ित लड़की की मां ने कहा, 'मेरी बेटी सिर्फ 16 साल की है और जब उसका बयान दर्ज किया गया था तब वह पुलिस स्टेशन में अकेली थी. पुलिस ने वह बयान देने के लिए उस पर दबाव बनाया था.' इसके साथ ही परिवार ने कोर्ट पहुंचकर मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.
लड़की की मां ने कहा, ‘मंगलवार को लड़की जब स्कूल से घर लौट रही थी तो वह बाथरूम गई. सेना के एक जवान ने उसका पीछा किया. जब उसने बाथरूम में सेना के जवान को देखा तो उसने शोर मचा दिया, जिससे पास के दुकानदार वहां जमा हो गए. घटनास्थल पर पुलिसकर्मी भी आ गए और सेना का जवान भाग गया.’ मां ने कहा, ‘उसे (लड़की को) तब हमारी जानकारी के बिना थाने ले जाया गया.’ उसने कहा, ‘हमने अदालत से संपर्क किया है और घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है. हम पुलिस या सेना, जिन्होंने यह किया है, से जांच नहीं चाहते.’ जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने भी शनिवार को पुलिस से पूछा कि किस कानून के तहत नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया गया था.
लड़की ने बदला बयान, हिंसा में 5 लोगों की मौत
इस हफ्ते की शुरुआत में इस छात्रा से एक जवान द्वारा छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया था. इसी के बाद से पूरे कश्मीर में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. और कई घायल हुए हैं. शुक्रवार को हंदवारा में प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद सुरक्षाबलों ने फायरिंग की थी जिसमें 11वीं का एक छात्र मारा गया था जबकि 3 लोग घायल हो गए थे. बाद में इस लड़की का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह सेना के करती दिख रही थी.
हिरासत के बताया अवैध
एक सिविल सोसायटी समूह ने छात्रा के परिवार के लिए शनिवार को ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था, लेकिन पुलिस की तरफ से इसकी इजाजत नहीं दी गई. मीडिया से बात करते हुए लड़की की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को बताए बिना उनकी बेटी को हिरासत में लिया था और उसका चेहरा ढके बिना उसका वीडियो स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया और उसकी पहचान जाहिर कर दी.