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LoC पर बढ़ी आतंकियों की सक्रियता, नदी-नालों से घुसपैठ की फिराक

बीएसएफ डीजी ने बताया है कि सेना और बीएसएफ बेहतर कॉर्डीनेशन के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस साल सुरक्षाबलों ने सबसे ज्यादा घुसपैठियों को मौत के घाट उतारा है.

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कश्मीर में तनावपूर्ण हालात के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर आतंकियों की सक्रियता देखी गई है. इन आतंकियों की सक्रियता सीमा पार पाकिस्तानी सीमा में मौजूद लॉन्चिंग पैड पर देखी गई है. बताया जा रहा है कि आतंकी भारत की सीमा में दाखिल होने की फिराक में हैं.

सूत्रों के मुताबिक, खुफिया विभाग की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत-पाक सीमा के इंटरनेशनल बॉर्डर पर आतंकी मसरूर बड़ा भाई और अभियाल डोगरा मौजूद हैं. लॉन्चिंग पैड इन दोनों दोनों के होने की जानकारी मिली है.

बताया जा रहा है कि LoC पर सुरक्षाबलों की सख्ती के चलते ये आतंकी घुसपैठ कर पाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं. इस वजह से अब ये नदी-नालों के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल होने की नापाक योजना बना रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, खुफिया विभाग के अलर्ट के बाद बीएसएफ जवानों को आगाह कर दिया गया है.

वहीं बीएसएफ के डीजी के.के शर्मा ने भी इसकी आशंका जताई है. उन्होंने कहा है कि जिन जगहों से आतंकी घुस सकते हैं, वहां पर जवानों की तैनाती और चुस्त कर दी गई है. डीजी के मुताबिक, सीमा से सटे नदी नालों वाले इलाकों में जवानों की संख्या भी बढ़ा दी गई है.

'इस साल सबसे ज्यादा घुसपैठियों की मौत'

जवानों की संख्या बढ़ाने के साथ ही खतरनाक स्थानों पर इलैक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी बढ़ा दिया गया है. बीएसएफ डीजी ने बताया है कि सेना और बीएसएफ बेहतर कॉर्डीनेशन के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस साल सुरक्षाबलों ने सबसे ज्यादा घुसपैठियों को मौत के घाट उतारा है.

स्मार्ट फेंसिंग से मिलेगी सफलता

के.के शर्मा ने स्मार्ट फेंसिंग को भी इस दिशा में मजबूत कदम बताया है. उन्होंने कहा सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग होने के बाद आतंकियों को रोकना आसान होगा. उन्होंने कहा कि मार्च, 2018 तक ये पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा.

 

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