केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को संसद में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में साल 2025 के पहले छह महीनों यानी जनवरी से जून के बीच 95,92,664 घरेलू पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया. यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक सवाल के लिखित उत्तर में दी.
यह सवाल एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट और पर्यटन पर इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर पूछा था. ओवैसी जानना चाहते थे कि क्या केंद्र सरकार ने पर्यटन पर हमले के आर्थिक प्रभाव का कोई आकलन किया है.
19,570 विदेशी पर्यटक आए
इसके जवाब में पर्यटन मंत्री शेखावत ने कहा कि मंत्रालय ने इस प्रकार का कोई विश्लेषण नहीं किया है कि हमले का पर्यटन पर क्या आर्थिक असर पड़ा है. हालांकि, उन्होंने यह जरूर बताया कि जनवरी-जून 2025 के दौरान जम्मू-कश्मीर में विदेशी पर्यटकों की संख्या 19,570 रही.
26 लोगों की गई थी जान
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे. इसके बाद भारत सरकार ने "ऑपरेशन सिंदूर" चलाकर 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को लोकसभा में इस सैन्य अभियान पर विशेष चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि भारत ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
किस साल कितना रहा आंकड़ा?
शेखावत ने यह भी बताया कि 2024 में जम्मू-कश्मीर में घरेलू पर्यटकों की संख्या 2.35 करोड़ रही थी, जबकि 2023 में यह संख्या 2.06 करोड़, 2022 में 1.84 करोड़, 2021 में 1.13 करोड़ और 2020 में 25 लाख थी. वहीं, विदेशी पर्यटकों की संख्या 2024 में 65,452 रही थी.
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए कई कदम
मंत्री ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने पहले भी कहा था कि कुछ शरारती तत्व फिर से घाटी में आतंकवाद और अलगाववाद को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मंत्रालय इस हमले के असर को कम करने का हरसंभव प्रयास करेगा.