नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता मुस्तफा कमाल ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा लहराने में कुछ भी गलत नहीं है. हालांकि उनके भतीजे और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी ‘इन विचारों का समर्थन नहीं करती.’
कश्मीर में की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर उठे विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के भाई कमाल ने सवाल किया कि केंद्र सरकार इसे लेकर क्यों ‘परेशान’ है और कहा कि भारत को पड़ोसी देश के झंडे का ‘सम्मान’ करना चाहिए.
उन्होंने कहा,‘पाकिस्तान का झंडा फहराने से क्या अंतर आता है? भारत सरकार अब बेचैन हो रही है, ज्यादा परेशान हो रही है. ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है.’ कमाल की यह टिप्पणी कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा लगातार रैलियों में को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच आई है. इन घटनाओं से केंद्र सरकार बेचैन है क्योंकि भाजपा पीडीपी नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार की सहयोगी है.
उमर ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां शर्मिंदगी पैदा करती हैं और खासकर ऐसे इंसान को ऐसा नहीं कहना चाहिए जो पूर्व में विधायक और मंत्री रह चुके हैं. वहीं राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कमाल की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि ‘इस तरह के लोग’ मीडिया में चर्चा पाने के लिए करते रहते हैं.
इससे पहले कमाल ने अपनी टिप्पणियों में केंद्र सरकार को भी घेरते हुए कहा था, ‘केंद्र सरकार भी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती. इस तरह की चालें भारत में गैर मुस्लिमों के दिलों में मुस्लिमों खासकर जम्मू-कश्मीर के लोगों के खिलाफ नफरत पैदा करने के लिए चली जा रही हैं.’
- इनपुट भाषा