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कश्मीर में बजने लगीं फोन की घंटियां, धीरे-धीरे बहाल होगी मोबाइल सेवा

कश्मीर घाटी में फोन की घंटियां बजने लगी हैं. अनुच्छेद 370 की विदाई के एक महीने पूरे होते ही सरकार ने बड़ी राहत दी. घाटी के सभी इलाकों में बुधवार रात से टेलीफोन सेवा बहाल हो गई. श्रीनगर के डीएम का कहना है कि हम धीरे-धीरे मोबाइल सेवा भी बहाल करेंगे. कुपवाड़ा में मोबाइल और टेलिफोन सेवा बहाल है.

कश्मीर में शांति बहाल कश्मीर में शांति बहाल

  • कश्मीर घाटी में टेलीफोन सेवा बहाल
  • 370 हटने के बाद रोक दी गई थी टेलीफोन सेवा

कश्मीर घाटी में फोन की घंटियां बजने लगी हैं. अनुच्छेद 370 की विदाई के एक महीने पूरे होते ही सरकार ने बड़ी राहत दी. घाटी के सभी इलाकों में बुधवार रात से टेलीफोन सेवा बहाल हो गई. श्रीनगर के डीएम का कहना है कि हम धीरे-धीरे मोबाइल सेवा भी बहाल करेंगे. कुपवाड़ा में मोबाइल और टेलिफोन सेवा बहाल है.

जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव रोहित कंसल का दावा है कि घाटी के 90 फीसदी हिस्सों से दिन की पाबंदियां हटा ली गई हैं. ना तो घरों से बाहर निकलने पर रोक है, ना ही दुकानें खोलने पर. मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवा की बहाली को लेकर सरकार हालात पर नजर बनाई हुई है. माना जा रहा है कि धीरे-धीरे ये पांबिदयां भी खत्म हो जाएंगी.

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद एहतियातन राज्य में मोबाइल सेवा पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि जम्मू और लद्दाख में मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन अब घाटी में भी मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है. इस बीच जम्मू-कश्मीर भाजपा ने राज्य में मोबाइल सेवा के बंद रहने की अवधि का बिल माफ करने की मांग केंद्र सरकार से की थी.

प्रदेश आईटी एवं सोशल मीडिया प्रभारी जयदेव राजवाल ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 5 अगस्त से मोबाइल सेवा पर पाबंदी लगाई गई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मांग है कि वह सेवा बंद रहने के दौरान मोबाइल के प्रीपेड और पोस्टपेड बिल को माफ कर दे.

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