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J-K: हालात हो रहे सामान्य, लाल चौक से हटे बैरिकेड, दौड़ने लगीं गाड़ियां

जम्मू-कश्मीर में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. श्रीनगर के मशहूर लाल चौक पर भी बीते 22 दिनों से लगे हुए बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं. सुरक्षा के लिहाज से लाल चौक पर बैरिकेड्स लगाए गए थे और लोगों को वहां पर जाने से रोका जा रहा था. साथ ही गाड़ियों का आना-जाना शुरू हो गया है. घाटी में स्कूल खुल रहे हैं, लैंडलाइन सर्विस भी चालू कर दी गई है. 

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श्रीनगर के लाल चौक पर सुरक्षा चाक-चौबंद (IANS)
श्रीनगर के लाल चौक पर सुरक्षा चाक-चौबंद (IANS)

  • श्रीनगर के मशहूर लाल चौक पर बीते 22 दिनों से लगे बैरिकेड्स हटे
  • घाटी में स्कूल खुल रहे हैं और लैंडलाइन सर्विस चालू कर दी गई है

जम्मू-कश्मीर में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. श्रीनगर के मशहूर लाल चौक पर भी बीते 22 दिनों से लगे हुए बैरिकेड्स हटा दिए गए हैं. सुरक्षा के लिहाज से लाल चौक पर बैरिकेड्स लगाए गए थे और लोगों को वहां पर जाने से रोका जा रहा था. साथ ही गाड़ियों का आना-जाना शुरू हो गया है. घाटी में स्कूल खुल रहे हैं, लैंडलाइन सर्विस भी चालू कर दी गई है.  

छह अगस्त को अनुच्छेद 370 कमजोर होने के बाद से ही घाटी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात थे. श्रीनगर का लाल चौक काफी मशहूर है और शहर की धड़कन माना जाता है. शहर के व्यापार के हिसाब से भी इस जगह के काफी मायने हैं, क्योंकि मुख्य बाजार यही हैं. अक्सर कई तरह की रैलियां, प्रदर्शन भी यहीं हुआ करते हैं.

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अब जब यहां से बैरिकेड्स हटाए गए हैं, तो ट्रैफिक में भी ढील दी जा रही है ताकि वाहनों के आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत ना आए. कश्मीर घाटी में स्कूल खुलना शुरू हुए हैं, बच्चों का भी स्कूल जाना शुरू हो गया है. श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में भीड़भाड़ बढ़ी और वाहनों की आवाजाही भी तेज हुई.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अब धीरे-धीरे लगी पाबंदियों पर छूट दी जा रही है. कश्मीर के कुछ हिस्सों में 2G सर्विस शुरू कर दी गई है, लैंडलाइन सर्विस भी शुरू हो गई है. इसके अलावा स्कूल-बाजार भी खुलने शुरू हो गए हैं. कश्मीर से पहले जम्मू में धारा 144 हटा दी गई थी, हालांकि घाटी में अभी भी धारा 144 लागू है.

कश्मीर में स्कूल भले ही खुल गए हों लेकिन बच्चों का जाना अभी भी कम ही है. अभिभावकों को डर है कि बच्चे अगर स्कूल बस में जाएंगे तो रास्ते में पत्थरबाजी की घटना हो सकती है, यही कारण है कि बच्चों को नहीं भेज रही है. हालांकि, प्रशासन की तरफ से लगातार सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं.

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