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कश्मीर में बनेगी 'Aapki Party', अल्ताफ बुखारी समेत कई नेता लॉन्चिंग की तैयारी में

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद अब पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी और पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर सहित कई नेताओं ने मिलकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया है. इसका नाम आपकी पार्टी रखने का फैसला किया है. इस नई पार्टी में पूर्व विधायक और मंत्रियों के साथ नए चेहरों शामिल करने का प्लान बनाया गया है.

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पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी
पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी

  • जम्मू-कश्मीर में नए सियासी दल Aapki Party की होगी एंट्री

  • पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी और गुलाम हसन मीर होंगे शामिल

जम्मू-कश्मीर की सियासत में एक नई राजनीतिक पार्टी दस्तक देने जा रही है. पीडीपी के बागी नेता और पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी इसी हफ्ते 'Aapki Party' नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. बुखारी ने पार्टी के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इसमें पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर सहित अहम चेहरे शामिल हैं.

अल्ताफ बुखारी ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी में सिर्फ पूर्व विधायक और मंत्री शामिल नहीं होंगे, बल्कि नए चेहरों को भी अहम भूमिका दी जाएगी. इसमें अनुभवी राजनेताओं और युवाओं का मिश्रण रहेगा. उन्होंने दावा किया कि नए राजनीतिक मंच के लिए 'Aapki Party' नाम को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इस संबंध में बुखारी ने 29 जनवरी को अपने सहयोगियों के साथ बैठक भी की थी.

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बता दें कि अल्ताफ बुखारी जम्मू-कश्मीर के मुख्यधारा के पहले नेता थे, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि राजनीतिक उद्देश्य के लिए धारा-370 को हटाया गया है. बुखारी और गुलाम हसन मीर दोनों मंत्री रह चुके हैं और पीडीपी से नाता तोड़कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने की पहल शुरू की है.

अल्ताफ बुखारी जम्मू-कश्मीर की पूर्व सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं. बुखारी जम्मू-कश्मीर के अमिरा कदल विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं. वे पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं. उनके पास पीडब्लूडी मंत्रालय का भी कार्यभार था. महबूबा मुफ्ती द्वारा द्राबू को हटाए जाने के बाद अल्ताफ बुखारी को अंतरिम वित्त मंत्री बनाया गया था.

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अल्ताफ बुखारी को जम्मू-कश्मीर में कृषि को बढ़ावा देने वाले नेता के रूप में जाना जाता है. उन्होंने खेती के विकास के कई कदम उठाए और लोगों ने उनके कदम की सराहना भी की. बुखारी को कृषि क्षेत्र में 35 साल से ज्यादा वक्त का अनुभव है. राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक पद पर रहे बुखारी आईआईटी दिल्ली के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भी शामिल रहे हैं. आईआईटी दिल्ली के बोर्ड में रहते हुए बुखारी ने कृषि से जुड़े कई शोध किए हैं.

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