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जम्मू कश्मीरः स्थानीय नागरिक की पिटाई के खिलाफ प्रदर्शन,आरोपी गार्ड गिरफ्तार

पुलिस ने स्थानीय नागरिक की पिटाई करने के आरोपी प्राइवेट गार्ड को हिरासत में ले लिया और स्थानीय नागरिकों को किसी तरह से समझा-बुझाकर वापस भेजा. हालात अब पूरी तरह से नियंत्रण में है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

  • प्राइवेट गार्ड पर स्थानीय नागरिक की पिटाई का आरोप
  • आक्रोशित लोगों ने लाखनपुर टोल प्लाजा पर की तोड़फोड़

जम्मू कश्मीर के कठुआ में सोमवार की देर रात स्थानीय नागरिकों का आक्रोश भड़क उठा. कठुआ के लाखनपुर टोल प्लाजा पर निजी सुरक्षा गार्ड के एक स्थानीय नागरिक की पिटाई कर देने से आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन किया. सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय थाने की पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर प्रदर्शन समाप्त कराया.

जानकारी के मुताबिक लाखनपुर टोल प्लाजा पर निजी सुरक्षा गार्ड ने एक स्थानीय नागरिक के साथ अभद्रता की. आरोप है कि टोल प्लाजा के प्राइवेट गार्ड ने स्थानीय नागरिक की पिटाई कर दी. स्थानीय नागरिक की पिटाई की खबर से स्थानीय नागरिक भड़क उठे. स्थानीय नागरिक टोल प्लाजा पहुंचे और तोड़-फोड़ शुरू कर दी.

सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने स्थानीय नागरिक की पिटाई करने के आरोपी प्राइवेट गार्ड को हिरासत में ले लिया और स्थानीय नागरिकों को किसी तरह से समझा-बुझाकर वापस भेजा. पुलिस के मुताबिक अब हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है. गौरतलब है कि कठुआ के टोल प्लाजा पर यह घटना ऐसे समय हुई है, प्रदेश के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है.

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बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संसद से संकल्प पारित कराकर जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त कर दिया था. प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा भी समाप्त कर केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया गया था. साथ ही जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन कर लद्दाख को भी अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया था. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के एक साल पूरे होने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क है.

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