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हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, CRPF के तीन जवान शहीद

हंदवाड़ा में एक बार फिर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है. एनकाउंटर में सीआरपीएफ के 3 जवान शहीद हो गए हैं. सुरक्षा बलों ने इस दौरान एक आतंकी को भी मार गिराया है.

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हंदवाड़ा में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ (फाइल फोटो)
हंदवाड़ा में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ (फाइल फोटो)

  • एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को भी किया ढेर
  • मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान भी शहीद

जम्मू और कश्मीर के हंदवाड़ा में एक बार फिर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है. एनकाउंटर में सीआरपीएफ के 3 जवान शहीद और एक नागरिक मारा गया है. सुरक्षा बलों ने इस दौरान एक आतंकी को भी मार गिराया है. आतंकियों से लोहा लेते हुए सीआरपीएफ के सीटी संतोष मिश्रा, सीटी चंद्रशेखर और सीटी अश्विनी कुमार यादव शहीद हो गए.

वहीं एक नागरिक भी इस मुठभेड़ में मारा गया. उसकी पहचान 14 वर्षीय उमर भट्ट उर्फ हाजिम भट्ट के तौर पर हुई है. वह खाईपोरा काजीबाद का रहने वाला है. इससे पहले रविवार को भी हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें कर्नल, मेजर और 3 जवान शहीद हो गए थे. वहीं सुरक्षा बलों ने 2 आतंकियों को भी ढेर किया था.

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इस बीच, कश्मीर के बडगाम में आतंकियों ने CISF कैंप पर भी ग्रेनेड से हमला किया है. इसमें, एक जवान घायल हो गया है. सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है. देश एक ओर जहां कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा तो वहीं कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकियों के मंसूबे को नाकाम करने में जुटे हैं. 24 घंटे के अंदर हंदवाड़ा में ये दूसरी मुठभेड़ है.

encounter_050420102952.pngमुठभेड़ में शहीद हुए संतोष मिश्रा

रविवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाकर्मियों को आतंकियों का इनपुट 6 दिन पहले 28 अप्रैल को सबसे पहले मिला था. तभी से जवान उनके पीछे पड़े थे. इस ऑपरेशन में 21-राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा शहीद हुए. कर्नल आशुतोष कई सफल ऑपरेशन के हिस्सा रहे थे.

ashwini-yadav_050520121907.jpgशहीद कॉन्स्टेबल अश्विनी यादव

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chandra-shekhar_050520122002.jpgशहीद कॉन्स्टेबल चंद्र शेखर

J-K में 5 साल बाद किसी कर्नल की शहादत

मुठभेड़ में किसी कमांडिंग ऑफिसर की शहादत लगभग पांच साल के बाद हुई है. इससे पहले 2015 के जनवरी महीने में कर्नल एमएन राय शहीद हुए थे. हालांकि पिछले साल सितंबर महीने में कमांडिंग ऑफिसर संतोष महादिक भी शहीद हो गए थे.

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सेना के अधिकारियों ने बताया कि कर्नल आशुतोष शर्मा गार्ड रेजिमेंट से आते हैं, जो कश्मीर घाटी में लंबे समय से अपनी सेवा दे रही है. आशुतोष शर्मा इकलौते कर्नल थे, जिन्हें कश्मीर में दो बार वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. जिसमें एक कमांडिंग ऑफिसर के रूप में उनकी बहादुरी के लिए था.

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कर्नल, मेजर और तीन जवान हुए थे शहीद

मुठभेड़ में शहीद सुरक्षाकर्मियों में 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, नायक राजेश, लांस नायक दिनेश के साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर काजी पठान हैं. हालांकि इस पूरे मुठभेड़ में सुरक्षा कर्मी नागरिकों को बचाने में सफल रहे.

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