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J-K: CM मुफ्ती ने की सर्वदलीय बैठक, कर्फ्यू में ढील नहीं देगा प्रशासन

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक चिट्ठी लिखकर बैठक का विरोध किया और कहा कि विश्वसनीयता और मानवीय नेतृत्व के अभाव वाली सरकार में सर्वदलीय बैठक का कोई तुक नहीं बनता.

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CM महबूबा मुफ्ती
CM महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर में भड़की हिंसा और जारी गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस को छोड़कर बाकी पार्टियों के नेता पहुंचे. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बैठक का बहिष्कार किया.

सीएम मुफ्ती ने राज्य में शांति बहाली पर चर्चा के लिए सभी पार्टियों के नेताओं को बुलाया है. आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद राज्य में हालात बिगड़ गए हैं. लगातार हो रहे कई इलाकों में बीते 12 दिनों से कर्फ्यू लागू है.

NC ने कहा- नेतृत्व है बेअसर
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक चिट्ठी लिखकर बैठक का विरोध किया और कहा कि विश्वसनीयता और मानवीय नेतृत्व के अभाव वाली सरकार में सर्वदलीय बैठक का कोई तुक नहीं बनता. पार्टी ने कहा, 'बीते दिनों राज्य में जो कुछ हुआ है उससे पता चलता है कि नेतृत्व असरदार नहीं है.'

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कर्फ्यू में नहीं दी जाएगी ढील
अलगाववादियों की ओर से किसी तरह के बंद या हड़ताल का ऐलान न किए जाने के बाद गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोपहर दो बजे के बाद कर्फ्यू में ढील देने का फैसला लिया गया था हालांकि बाद में इसे बदल दिया गया. प्रशासन ने कर्फ्यू में किसी तरह की ढील नहीं दी.

उधर, सरकार ने कश्मीर घाटी के चार जिलों में सभी सरकारी स्कूलों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है. फिलहाल कश्मीर में हालात शांतिपूर्ण हैं.

घाटी में अब तक 44 की मौत
बता दें कि में अब तक कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. साथ ही 1600 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी भी जख्मी हुए हैं.

पांच दिन बाद छपे अखबार
कश्मीर घाटी में हिंसा के बाद मीडिया पर लगी सेंसरशिप के पांच दिन बाद आखिरकार एक बार फिर अखबार छपने लगे. सरकार की ओर से आश्वसन मिलने के बाद सभी दैनिकों के संपादकों ने प्रकाशन शुरू करने का फैसला लिया. एक संपादक ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने मीडिया पर लगे बैन को लेकर खेद जताया है. उन्होंने कहा कि यह निचले स्तर पर की गई कार्रवाई थी, आगे से ऐसा नहीं हो इसके लिए पूरा प्रयास करेगी.'

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