जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में वायुसेना के दो गरुड़ कमांडो शहीद हो गए. यह पहली बार है, जब घाटी में आतंकियों के खिलाफ अभियान में वायुसेना के दो गरुण कमांडो शहीद हुए हैं. बुधवार को हुए इस मुठभेड़ में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी भी मारे गए हैं. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बुधवार तड़के सुरक्षाबलों ने बांदीपुरा जिले के हाजिन इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया.
इस बीच आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर दी और फिर मुठभेड़ शुरू हो गई. उन्होंने बताया कि गरुड़ कमांडो प्रशिक्षण और अनुभव के लिए अभियान का हिस्सा थे. मुठभेड़ में वे घायल हो गए थे. इसके बाद घायल दोनों कमांडो को यहां के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. दोनों शहीद कमांडो की पहचान सार्जेंट मिलिंद किशोर और कॉरपोरल नीलेश कुमार के रूप में हुई है.
2 personnel who lost their lives in Bandipora (J&K) encounter were from IAF's Garuda Force & were with Army for operational training
— ANI (@ANI)
सेना के अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में अब तक दो आतंकी ढेर किए जा चुके हैं. मारे गए आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे. उनकी पहचान अली उर्फ अबू माज और नसरुल्ला मीर के रूप में हुई है. माज पाकिस्तानी आतंकी था और मीर स्थानीय आतंकी था. जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वेद ने बताया कि ये आतंकी कई आतंकी हमलों में शामिल थे, जिनमें सुरक्षाबलों के जवान और आम लोग मारे गए हैं.
वेद ने कहा कि सुरक्षाबलों के लिए यह एक बड़ी सफलता है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एके श्रेणी की दो राइफल, एक पिस्तौल, एक हथगोला, 12 एके मैगजीन और 75 राउंड बरामद किए हैं. सेना की चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू के नेतृत्व में अधिकारियों और अन्य रैंक के जवानों ने शहीद कमांडो को श्रद्धांजलि दी.
Paribal Hajin Bandipora Encounter.2 terrorists killed 2 army men martyred.
— J&K Police (@JmuKmrPolice)
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि चिनार कोर के कमांडर और अन्य रैंक के जवान हाजिन अभियान में वायुसेना के गरुड़ कमांडो के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं. शहीदों के लिए यहां सेना के बदामीबाग स्थित मुख्यालय पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें सेना, पुलिस और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.