केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर पहुंच गए हैं. वह थोड़ी देर में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. अपने जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान अमित शाह राज्य की सुरक्षा की स्थितियों का जायजा लेंगे और विकास कार्यों की भी समीक्षा करेंगे. गृहमंत्री बनने के बाद अमित शाह पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं.
श्रीनगर में अमित शाह बैठक के दौरान आंतरिक सुरक्षा के साथ अमरनाथ यात्रा की व्यवस्था पर भी चर्चा करेंगे. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित शाह अमरनाथजी गुफा मंदिर भी जा सकते हैं. अमरनाथ यात्रा पहली जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगी.
Jammu and Kashmir: Home Minister Amit Shah arrives in Srinagar. The Home Minister is on a 2-day visit to the state where he will review overall security situation & also discuss security arrangements for Amarnath Yatra. pic.twitter.com/fM6nJKYLBE
— ANI (@ANI) June 26, 2019
इससे पहले के कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 30 जून को एक दिन के लिए कश्मीर घाटी जाने वाले थे. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय बजट के संबंध में गृह मंत्री की व्यस्तता के कारण यह दौरा पहले कर दिया गया. इस दौरान गृह मंत्री श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे.
वे इस दौरे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं और पंचायत सदस्यों को भी अलग-अलग संबोधित करेंगे. सूत्र के मुताबिक अमित शाह इस दौरान राज्य के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से भी मुलाकात करेंगे और उनके साथ राज्य की वर्तमान सुरक्षा संबंधित स्थिति पर चर्चा करेंगे.
सूत्रों ने कहा कि इस दौरान अमित शाह श्री अमरनाथ जी तीर्थ स्थल पर भी पूजा करेंगे. अमित शाह इस दौरे पर जम्मू और लद्दाख क्षेत्रों का दौरा नहीं करेंगे.
आतंकी खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय ने की खास तैयारी
1 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा आतंकियों के निशाने पर है. गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकी 7 तरीके से अमरनाथ यात्रा के दौरान हमला कर सकते हैं. आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय ने भी खास तैयारी की है. यात्रा रूट पर IED के खतरे को देखते हुए. BDT टीम की संख्या दो गुनी की गई है. साथ ही 40 ऐसे नए एक्सपर्ट को लगाया जा रहा है जिन्होंने हाल ही में IED से निपटने की खास ट्रेंनिग ली है.
यात्रा रूट पर CCTV कैमरे और ड्रोन की संख्या दो गुनी की जाएगी. आरएफ टैगिंग के लिए ज्यादा संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा. साथ ही हर प्राइवेट गाड़ी का भी आरएफ टैगिंग किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने अमरनाथ यात्रा को ज्यादा हाईटेक करने के लिए 55 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए हैं. पहलगाम के नुनवान कैंप और बालटाल कैंप की सुरक्षा के लिए स्पेशल कमांडो तैनात किए जाएंगे.