जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी रियाज नायकू के बारे में पूरी जानकारी दी है और बताया है कि उसके खिलाफ कार्रवाई को कैसे अंजाम दिया गया. रियाज नायकू घाटी में किन-किन वारदातों में शामिल था. उसने आतंक की दुनिया में अपना नाम कैसे आगे बढ़ाया, इस बारे में एक प्रेस रिलीज जारी जम्मू-कश्मीर ने पुलिस ने जानकारी दी है. पुलिस के मुताबिक, खास इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने अनंतीपोरा के सरशाली और बेगमपोरा में ऑपरेशन शुरू किया. घेरेबंदी के बाद सुरक्षा बलों को फायरिंग करनी पड़ी क्योंकि छिपे आतंकियों ने हमला बोल दिया. इसी क्रम में हिज्बुल कमांडर नायकू मारा गया.
दो अलग-अलग मुठभेड़ में 4 आतंकी मारे गए. सरशाली में लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकी भी इसमें शामिल हैं. दोनों आतंकियों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है. दूसरा एनकाउंटर अवंतीपोरा के बेगपोरा में हुआ जिसमें दो आतंकी मारे गए. इसमें एक रियाज नायकू है जो घाटी में हिज्बुल मुजाहिदीन का कमांडर था. दोनों एनकाउंटर वाली जगह से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं.
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रियाज नायकू कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन का चीफ ऑपरेशनल कमांडर था. 2012 में उसने यह पद पाया. जाकिर मूसा ने जब हिज्बुल का साथ छोड़कर अंसार गजवत नाम का आतंकी संगठन बनाया, उसके बाद नायकू को हिज्बुल की कमान मिली. पिछले साल सुरक्षा बलों ने जाकिर मूसा को भी ढेर कर दिया है.
नायकू ने पुलिसकर्मियों, सुरक्षाबलों और आम लोगों पर कई हमले किए थे. उसने आम लोगों को पुलिस/सुरक्षाबलों के मुखबीर बता कर कई जघन्य हत्याएं कीं. आतंकी संगठन चलता रहे और उसका खर्च जुटता रहे, इसके लिए उसने कई बागान मालिकों को लूटा. यहां तक कि दक्षिण कश्मीर में डोडा-पोस्त की खेती करने वालों से उसने फिरौती वसूली. उसने भांग उगाने वाले लोगों को भी नहीं छोड़ा. कई हत्याएं या अपराधों में वह सीधे तौर पर शामिल रहा, जिसकी वजह से पुलिस को उसकी बड़ी गंभीरता से तलाश थी.
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जाकिर नायकू के अपराध का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि वह ऑडियो-वीडियो क्लिप बनाकर अपना प्रचार-प्रसार करता था. सोशल मीडिया के जरिये वह घाटी के लड़कों को उग्रवाद में शामिल होने की अपील करता था. उस पर कई बेगुनाह और निर्दोष लड़कों को आतंक की काली दुनिया में धकेलने का आरोप है. नायकू ने इन लड़कों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ किया. जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल को दोबारा खड़ा करने में उसका बड़ा रोल था. उसने कई बार पाकिस्तान के समर्थन में ऑडियो-वीडियो जारी किए और अफवाहें फैलाईं.
आतंक की दुनिया में ऐसे शामिल रहा नायकू
-8 मार्च 2014 को डोगरीपोरा में एक सरपंच के पिता हाजी गुलाम मोहम्मद डार की हत्या
-भाटपोरा टोकना में पुलिस बस पर फायरिंग
-मोहिउद्दीन डार की हत्या
-खंडपोरा के एक निवासी जावेद अकबर की हत्या
-पडगमपोरा क्रॉसिंग पर पुलिसकर्मी आशिक हुसैन मीर की हत्या
-कांस्टेबल नासिर अहमद का अपहरण
-पूर्व विधायक वाची के घर से 9 हथियारों की लूट
-कुलगाम में 9 प्रवासी मजदूरों की हत्या
-5 अगस्त के बाद ट्रक ड्राइवर और फल व्यापारियों की हत्या
-जेल में बंद अलगाववादियों की रिहाई के लिए धमकी भरे ऑडियो टेप जारी किए
-इसके अलावा कई अपराधों में शामिल होने को लेकर कई मुकदमे दर्ज थे