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जम्मू कश्मीरः पंचायती राज अधिनियम में संशोधन, अब जिला विकास परिषद का होगा गठन

एससी, एसटी और महिलाओं के लिए सीटें भी आरक्षित की गई हैं, जो सीधे जिला विकास परिषदों के लिए होंगी. अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त डीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे.

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (फाइल फोटो) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • थ्री टियर पंचायती राज व्यवस्था के लिए किया संशोधन
  • विकास परिषदों में सीधे तौर पर निर्वाचित होंगे सदस्य
  • एससी, एसटी और महिलाओं के लिए सीटें भी आरक्षित

जम्मू-कश्मीर में थ्री टियर पंचायती राज व्यवस्था लागू करने के लिए पंचायती राज अधिनियम के नियमों में संशोधन किया गया है. अब राज्य में जिला विकास परिषदों का गठन होगा. एक आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार ने शनिवार को हर जिले में विकास परिषदों की स्थापना के लिए पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया है, जिसमें सीधे तौर पर निर्वाचित सदस्य होंगे. 

प्रवक्ता के मुताबिक, जिला विकास परिषद में जिले के 14 क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ विधानसभा के सदस्य और जिले की सभी खंड विकास परिषदों के अध्यक्ष शामिल होंगे. प्रवक्ता ने कहा कि एससी, एसटी और महिलाओं के लिए सीटें भी आरक्षित की गई हैं, जो सीधे जिला विकास परिषदों के लिए होंगी. अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त डीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे.

सरकार ने जारी आदेश में कहा है कि हर जिले के उपायुक्त डीडीसी क्षेत्र को 14 एकल सदस्य क्षेत्रों में विभाजित करें. इसमें उपायुक्तों को क्षेत्र और जनसंख्या के अनुपात का भी ध्यान रखना होगा. आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन क्षेत्र का नाम उस निर्वाचन क्षेत्र में सबसे बड़ी आबादी वाले ब्लॉक के नाम पर सौंपा जा सकता है.

बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में हर जिले में डीडीसी के गठन के लिए चुनाव की तैयारियां लगभग पूर कर ली गई हैं. हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने इस पर कोई अधिसूचना जारी नहीं की है. 

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