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सैयद अली शाह गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान लगाए गए देश विरोधी नारे, रिश्तेदारों पर केस दर्ज

अभी तक पुलिस ने इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बताया है. अभी किनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है, ये भी सामने नहीं आया है. लेकिन इस बात की पुष्टि कर दी गई है कि कुछ लोगों ने गिलानी के सुपुर्द-ए-खाक कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारे लगाए थे.

गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान लगे देश विरोधी नारे गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान लगे देश विरोधी नारे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान देश विरोधी नारे
  • गिलानी के रिश्तेदारों पर केस दर्ज

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. पहले ऐसा कहा गया था कि उनके निधन के बाद घाटी में माहौल बिगड़ सकता है. लेकिन कानून व्यवस्था बनी रही और प्रशासन भी एकदम मुस्तैद दिखा. अब खबर है कि गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान कुछ लोगों ने देश विरोधी नारे लगाए थे. बडगाम पुलिस ने गिलानी के ही कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान देश विरोधी नारे?

अभी तक पुलिस ने इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बताया है. अभी किनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है, ये भी सामने नहीं आया है. लेकिन इस बात की पुष्टि कर दी गई है कि कुछ लोगों ने गिलानी के सुपुर्द-ए-खाक कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारे लगाए थे. जब पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली उनकी तरफ से बिना समय गंवाए केस दर्ज कर लिया गया.

खबर ऐसी भी है कि पहले गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लिपटा हुआ दिखाया गया था. इस विवाद पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन खबर है कि पुलिस इस मामले में भी यूएपीए के तहत कार्रवाई करने की बात कर रही है.

कानून व्यवस्था कंट्रोल में

अब इन दो घटनाओं को अगर छोड़ दिया जाए तो सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद भी जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था मजबूत रही. ना पत्थरबाजी का दौर दिखा और ना ही कही पर देश विरोधी नारे लगे. अब ये सब इसलिए हुआ क्योंकि प्रशासन ने पहले से ही सारी तैयारी कर रखी थी. गिलानी के निधन के बाद कुछ समय के लिए घाटी में इंटरनेट सस्पेंड कर दिया गया था और सुरक्षाबल भी मुस्तैद हो गए थे.

वैसे गिलानी के निधन पर कोई हिंसक घटना नहीं हुई, लेकिन तमाम तरह के विवाद जरूर होते रहे. एक विवाद ये भी रहा कि पुलिस ने बलपूर्वक तरीके से गिलानी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था. लेकिन पुलिस ने इसका तुरंत खंडन भी किया और सभी से अफवाह पर विश्वास ना करने की अपील की.

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