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J-K: अमित शाह के दौरे के बीच फारूक अब्दुल्ला का दावा, मुझसे मिलना चाहते थे गृह मंत्री, मना कर दिया

नेशनल कांफ्रेस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इंडिया दुडे से खास बातचीत में 900 पत्थरबाजों को हिरासत में लेने का विरोध किया. उन्होंने कहा वे सरकार को बताना चाहते हैं कि आप कश्मीर में तब तक शांति नहीं ला पाएंगे जब तक आप धारा 370 को बहाल नहीं करते.

NC Chief Farooq Abdullah NC Chief Farooq Abdullah
स्टोरी हाइलाइट्स
  • धारा 370 को लेकर अमित शाह पर अब्दुल्ला का निशाना
  • 'कश्मीर में तब तक शांति नहीं ला पाएंगे जब तक...'

नेशनल कांफ्रेस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने राजौरी जिले के नौशेरा में इंडिया टुडे से विशेष बातचीत की.उन्होंने कहा कि केंद्र ने उनसे संपर्क किया था. अमित शाह उनसे मिलना चाहते थे. लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

इस दौरान अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर साधा निशाना. उन्होंने कहा मैं सरकार को बताना चाहता हूं कि आप कश्मीर में तब तक शांति नहीं ला पाएंगे जब तक आप धारा 370 को बहाल नहीं करते. यहां सिर्फ हिंदू ही नहीं, मुसलमानों को भी आतंकियों ने मार डाला है. अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हाल की घटनाएं उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली हैं जो कहते थे कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा.

उन्होंने कहा- माहौल कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए अनुकूल नहीं है. बीजेपी देश को धर्म के आधार पर बांट रही है. भाजपा उत्तर प्रदेश की स्थिति को भी सांप्रदायिक बना रही है. बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने 900 पत्थरबाजों को हिरासत में लेने का विरोध भी किया. उन्होंने कहा- हां, सरकार ने मुझसे संपर्क किया. अमित शाह मुझसे मिलना चाहते थे, मैंने मना कर दिया. तब मेरी राजौरी और पुंछ जाने की पहले से योजना थी. 

बता दें कि दो दिन पहले ही अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी साल 2022 में होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एक बार फिर नफरत फैलान का काम कर रही है. अब्दुल्ला ने लोगों से जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ देश को बचाने के लिए नफरत से लड़ने को कहा. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नफरत बढ़ती रही तो भारत को बिखरने से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने ये तक कह दिया कि हिन्दुस्तान के इतने टुकड़े होंगे कि इसे रोका नहीं जा सकेगा.

यहां अब्दुल्ला ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि ''हमें सांप्रदायिकता से लड़ना है और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच बनाई जा रही नफरत की दीवार को गिराना है. इस नफरत को खत्म करना ही होगा. इसके बिना, न तो भारत बचेगा है और न ही जम्मू-कश्मीर बचेगा. अगर भारत को बचाना है, हमें इस नफरत को खत्म करना पड़ेगा.''

 

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