फिल्म दंगल में एक्टिंग कर बॉलीवुड में सुर्खियां बटोरने वाली अभिनेत्री जायरा वसीम ने बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान कर सबको हैरान कर दिया है. उनके इस फैसले का कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं तो कुछ ने इसे ड्रामा बताया है. जम्मू-कश्मीर में पैदा हुईं जायरा वसीम के फैसले का राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने समर्थन किया है, वहीं गायक अभिजीत ने कहा है कि जायरा वसीम ड्रामा कर रही हैं.
पांच साल पहले सिल्वर स्क्रीन की दुनिया में कदम रखने वाली जायरा वसीम ने एक लंबे फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की घोषणा की. उन्होंने लिखा है कि पांच साल पहले उन्होंने एक फैसला लिया जिससे उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई. जायरा ने लिखा है कि उनकी जिंदगी ऐसी बदली कि कभी कभी लोग उन्हें युवाओं का रोल मॉडल मानने लगे. आगे जायरा लिखती है कि एक्टिंग में पांच साल पूरा होने के मौके पर वह कहना चाहती है कि वो अपनी इस पहचान (बतौर अभिनेत्री) से खुश नहीं है. जायरा ने कहा है कि एक्टिंग की वजह से वो इस्लाम से दूर होती जा रही है.
5 years ago I made a decision that changed my life and today I’m making another one that’ll change my life again and this time for the better Insha’Allah! :)
— Zaira Wasim (@ZairaWasimmm)
जायरा के इस फैसले पर जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हमें जायरा के फैसले पर आवाज उठाने का कोई हक नहीं है. उन्होंने ट्वीट किया, "जायरा के पसंद पर हम सवाल उठाने वाले कौन होते हैं, ये उनकी जिंदगी है और वे जैसा चाहेंगी करेंगी, मैं उनके लिए खैरियत चाहूंगा और उम्मीद करूंगा कि वो जो कुछ भी करें उन्हें खुश रखे."
Who are any of us to question ’s choices? It’s her life to do with as she pleases. All I will do is wish her well & hope that what ever she does makes her happy.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah)
बता दें कि गायक अभिजीत ने जायरा वसीम के इस फैसले को एक्टिंग बताया है. अभिजीत ने आजतक से कहा कि ये एक्टिंग है, और ये एक्टिंग सबसे बड़ी एक्टिंग है.
वहीं एक्टर रजा मुराद ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा है कि ये उनका निजी मामला है और हमें इसका सम्मान करना चाहिए. वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने कहा, "ये उनका निजी मामला है, हर इंसान को अपनी जिंदगी जीने का हक है अगर उन्होंने ऐसा रास्ता अख्तियार किया है, ऐसा सोचती हैं तो ठीक है, ये उनकी जिंदगी है, ये उनकी सोच है."
असम जमीयत उलेमा ने जायरा के इस फैसले का स्वागत किया है. असम जमीयत उलेमा के सचिव फैजलुल करीम कासिमी ने कहा है कि एक्टिंग करना, डांस करना मुस्लिम धर्म में नहीं है. यदि जायरा ने इसे महसूस किया है और सिनेमा छोड़ना चाहती है तो हमें इसका स्वागत करना चाहिए.