देश में स्कुलो में बच्चों की पीटने पर पूर्ण प्रतिबन्ध के बाबजूद स्कूलों में बच्चों की निर्मम पिटाई के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ऐसा ही एक ताज़ा मामला शिमला के कन्या सरकारी स्कूल पोर्टमोर का है जहां एक डांस टीचर ने एक छात्रा की सिर्फ इसलिए डंडे से पीटाई कर दी क्यूंकि उसने एक प्रतिस्पर्धा से पहले रिहर्सल के समय डांस में गलत स्टेप कर दिया था.
घटना के बाद पीड़ित छात्रा का परिवार बेहद गुस्से में है और आरोपी टीचर के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग कर रहा है. परिजनों ने छोटा शिमला ठाणे में मामला दर्ज करवा दिया है. पुलिस द्वारा पीड़ित छात्रा का मेडिकल करवाया जा रहा है और आरोपी अध्यापिका के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है.
जहां देश भर में सरकार ने स्कूलों में बच्चों की पीटाई पर प्रतिबंध लगाने के लिए कड़ा क़ानून बनाया है वहीँ अब भी कई शिक्षक इस क़ानून की परवाह ना करते हुए बच्चों की बेवजह पीटाई करने से गुरेज़ नहीं करते. शिमला में भी कन्या विद्यालय पोर्टमोर की आठवीं कक्षा की छात्रा की उसी के स्कूल की डांस टीचर ने डंडे से पीटाई कर दी.
छात्रा की गलती सिर्फ इतनी सी थी की उसने सोलन में होने वाली प्रतिस्पर्धा से पहले चल रही डांस रिहर्सल में एक स्टेप गलत कर दिया था. बस ये देखते ही आरोपी डांस टीचर का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उसने छात्रा को डंडे से पीटना शुरू कर दिया. पीटाई से छात्रा के शरीर पर कई घाव आ गए.
घटना के बाद पीड़ित छात्रा के परिजनों ने आरोपी टीचर के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की है. अभिभावकों का आरोप है की उनकी बच्ची को डांस टीचर ने बेहरहमी सी पीटा है. अभिभावकों का कहना है की वो अपने बच्चों को स्कूल में सिर्फ पढने भेजते है जबकी डांस टीचर अपनी मर्जी से ही उनकी बच्चे को प्रतिस्पर्धा के लिए अपने साथ ले गयी थी.
उधर शिमला पुलिस ने आरोपी टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है. शिमला के एस पी अभिशेख दुल्लर का कहना है की स्कूल में किसी भी बच्चे की पिटाई पर बैन है लिहाजा क़ानून के मुताबिक़ आरोपी टीचर पर करवाई अमल में लाई जा रही है. पीड़ित छात्रा का मेडिकल करवाया जा रहा है.
वहीँ हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के मुख्य संसदीय सचिव का कहना है की अभिभावकों द्वारा उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं दी गयी है. लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद आरोपी टीचर पर सरकार सख्त कारवाई करेगी.
उधर स्कुल प्रबंधन भी मामले को लेकर कुछ भी नही कह रहा है और आरोपी अध्यापिका भी मिडिया के सामने नहीं आ रही है.