मानेसर जमीन घोटाले को लेकर पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य 33 आरोपी कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट में आज आरोपों पर बहस हुई, जो करीब 5 घंटे तक चली. मामले की अगली सुनवाई अब 18 सितंबर को होगी.
इस मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी. चार्जशीट में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों का नाम है.
मानेसर जमीन घोटाले में सीबीआई ने पूर्व सीएम सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था. इस मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था.
ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआई की FIR के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था. कांग्रेस लगातार इसे सियासी रंजिश का नाम दे रही है.
इस मामले में आरोप है कि अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुरुग्राम जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन सस्ते दामों में खरीद ली थी.
कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है.