हरियाणा में आरक्षण को लेकर 29 जनवरी से जाटों का आंदोलन फिर शुरू होने की संभावना के मद्देनजर रोहतक के जिलाधीश अतुल कुमार ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. पांच व अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने सहित विभिन्न प्रकार के हथियार रखने पर पाबंदी लगा दी है.
गुरुवार को जारी आदेश में जिलाधीश द्वारा कहा गया है कि जाट आरक्षण के आंदोलन के चलते जिला में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग, सभी सम्पर्क मार्गों, रेलवे स्टेशन, रेलवे लाइन आदि के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 के तहत पांच या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है.
उन्होंने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने व जान-माल की हानि से बचने के लिए भारतीय दंड संहिता 1973 की धारा 144 के तहत करना जरूरी है. जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि रोहतक जिले में कोई भी व्यक्ति तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जैली, गंडासा, चाकू व अन्य चोट पहुंचाने वाले हथियार लेकर नहीं चल सकता. इन हथियारों के रखने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी. ये आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मिर्यों व अन्य कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे. आदेश तुरंत प्रभावी हो गए हैं.
खाप प्रतिनिधि सीएम खट्टर से करेंगे मुलाकात
गुरुवार को सोनीपत में हरियाणा, दिल्ली, और यूपी की खाप पंचायतों की महापंचायत हुई. जिसमें हरियाणा में को लेकर खाप नेताओं ने अहम फैसला लिया. महापंचायत में फैसला लिया गया कि 29
जनवरी को जाट आरक्षण आंदोलन नहीं होगा. 27 जनवरी को खाप प्रतिनिधि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से चंडीगढ़ में मुलाकात करेंगे.
गौरतलब है कि 26 फरवरी 2017 को जींद में जाटों की महारैली होगी. जिसमें फैसला होगा कि हरियाणा में आगे करना है या नहीं. हाल ही में आरक्षण को लेकर जाटों के आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने राज्य में 7000 होमगार्डों की तैनाती के अलावा केंद्र से अर्द्धसैनिक बलों की 55 कंपनियों की मांग की थी. दरअसल इससे पहले हुए इसी तरह के आंदोलन में 30 लोगों की मौत हो गई थी और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था, जिसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एहतियाती कदम उठाने शुरू किए.
गौरतलब है कि जाट समुदाय के संगठनों ने खट्टर सरकार पर की उनकी मांग पूरी नहीं करने का आरोप लगाते हुए राज्य के 19 जिलों में फिर से विरोध प्रदर्शन करने की धमकी दी है. इन 19 जिलों में रोहतक, सोनीपत, भिवानी, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, पानीपत, हिसार, जींद, कैथल एवं फतेहाबाद शामिल हैं.