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हरियाणा सरकार ने बदले पुराने फैसले, RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे सरकारी कर्मचारी, कांग्रेस ने घेरा

सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा है, 'अब हरियाणा के कर्मचारीयों को “संघ” की शाखाओं में भाग लेने की छूट. सरकार चला रहे हैं या भाजपा-RSS की पाठशाला!'

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर. (फाइल फोटो) हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हरियाणा सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने साधा निशाना
  • RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे सरकारी कर्मचारी

हरियाणा सरकार ने सोमवार को साल 1967 और 1980 के दो आदेश वापस ले लिए. इस आदेशों में हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को आरएसएस (RSS) की गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाई गई थी. 

हरियाणा सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा है, 'अब हरियाणा के कर्मचारीयों को “संघ” की शाखाओं में भाग लेने की छूट. सरकार चला रहे हैं या भाजपा-RSS की पाठशाला!'

मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वारी हरियाणा सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम 2016, के प्रभाव में आने के साथ ही, सरकार की तरफ से 1980 और 1967 में दिए गए आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है. सोमवार को सरकार की तरफ से लिए गए इस फैसले के बाद हरियाणा सरकार के कर्मचारी अब आरएसएस की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं.

अप्रैल 1980 में, हरियाणा के मुख्य सचिव के कार्यालय के तत्कालीन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को आरएसएस की गतिविधियों से किसी भी तरह के जुड़ाव पर रोक लगाई थी. इससे पहले 1967 में हरियाणा के मुख्य सचिव के ऑफिस की तरफ से एक निर्देश जारी कर कहा गया था कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा आरएसएस की गतिविधियों में भाग लेने पर सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि साल 2014 में मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे जब पहली बार सूूबे में बीजेपी ने अपने दम पर सरकार बनाई थी.

 

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